गाजीपुर
रेलवे की चहारदीवारी से दर्जनभर परिवारों में दहशत, घरों में कैद होने का खतरा
सिधौना-रामपुर हाल्ट पर निर्माण कार्य से आवागमन प्रभावित होने की आशंका
गाजीपुर। औड़िहार-वाराणसी रेलखंड पर स्थित सिधौना-रामपुर हाल्ट के दोनों ओर रेलवे प्रशासन द्वारा कराए जा रहे चहारदीवारी निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। रेल लाइन के पूर्वी हिस्से में बन रही सीमेंटेड चहारदीवारी के कारण सिधौना बाजार के आसपास रहने वाले करीब दर्जनभर परिवारों के सामने आवागमन का संकट उत्पन्न हो गया है।
रास्ता बंद होने की आशंका से परेशान परिवार
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि वर्तमान स्वरूप में चहारदीवारी का निर्माण पूरा हो गया तो कई रिहायशी मकानों का बाहर निकलने का रास्ता लगभग बंद हो जाएगा। इससे प्रभावित परिवारों को अपने ही घरों में कैद जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
जनप्रतिनिधियों और रेलवे प्रशासन से लगाई गुहार
समस्या को लेकर प्रभावित परिवारों ने रेलवे प्रशासन के साथ-साथ अंकित भारती और अफजाल अंसारी से हस्तक्षेप कर समाधान कराने की मांग की है।
वैकल्पिक मार्ग बनाने की उठी मांग
स्थानीय निवासी डॉ. सीमा यादव ने बताया कि हाल्ट के पूर्वी हिस्से में रेल यात्रियों के लिए भी कोई सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध नहीं है। वहीं सरिता गुप्ता, मुन्नीलाल यादव, उदयभान सिंह और मुस्तफा सहित अन्य ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि रेलवे प्लेटफॉर्म से सिधौना बाजार स्थित रेलवे अंडरपास तक चहारदीवारी के बाहर एक सर्वसुलभ मार्ग बनाया जाए। इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों को सुविधा मिल सकेगी।
फुट ओवरब्रिज के अभाव में जोखिम उठाने को मजबूर यात्री
ग्रामीणों का कहना है कि सिधौना-रामपुर हाल्ट पर फुट ओवरब्रिज और समुचित पहुंच मार्ग का अभाव है। ऐसे में वाराणसी की ओर जाने वाले यात्रियों को टिकट लेने के बाद भी दो रेलवे ट्रैक पार कर ट्रेन पकड़नी पड़ती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सुरक्षा के साथ सुविधाओं पर भी ध्यान देने की मांग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ स्थानीय नागरिकों और यात्रियों की सुविधाओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
चहारदीवारी के साथ वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि चहारदीवारी निर्माण के साथ-साथ वैकल्पिक मार्ग और फुट ओवरब्रिज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि सुरक्षा और जनसुविधा के बीच संतुलन बना रहे तथा लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
