गोरखपुर
बाइक चोरी के 15 दिन बाद अज्ञात चोरों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित दंपती थाने से लेकर क्षेत्राधिकारी कार्यालय तक लगाते रहे गुहार, सीसीटीवी फुटेज देने के बावजूद कार्रवाई में होती रही देरी
गोलाबाजार (गोरखपुर)। गोला थाना क्षेत्र में बाइक चोरी के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गोला उपनगर के वार्ड नंबर 4 स्थित चंद चौराहा निवासी युवक की बाइक चोरी होने के 15 दिन बाद पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस दौरान पीड़ित दंपती लगातार थाने और क्षेत्राधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 4 निवासी श्यामसुंदर चौरसिया पुत्र प्रेमनाथ चौरसिया ने बताया कि 2 मई को उन्होंने अपनी बाइक संख्या यूपी 58 एल 1141 घर के सामने खड़ी की थी। दोपहर करीब तीन बजे जब वह बाहर निकले तो बाइक गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने उसी दिन गोला थाने में लिखित तहरीर देकर चोरी की सूचना दी। पुलिस ने जनसुनवाई की पर्ची तो दे दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
पीड़ित का आरोप है कि अगले दिन जब वह थाने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इसके बाद वह और उनकी पत्नी खुशबू लगातार 15 दिनों तक थाने और क्षेत्राधिकारी कार्यालय का चक्कर लगाते रहे। आरोप है कि पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बजाय टालमटोल करती रही और उनसे कहा जाता रहा कि बाइक चाहिए या मुकदमा।
श्यामसुंदर के मुताबिक घटना से पहले एक संदिग्ध युवक गली में काफी देर तक घूमता और बैठा दिखाई दिया था। दोपहर करीब 2:40 बजे वह बाइक लेकर फरार हो गया। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। पीड़ित ने उसका फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराया, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित ने बताया कि 16 मई को एक बार फिर क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचने पर वहां से फोन जाने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और अज्ञात चोर के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि मुकदमा दर्ज करते समय विवेचक द्वारा घटना की तारीख 2 मई के बजाय 16 मई दर्ज कराने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया।
