गोरखपुर
हत्या के आरोपी को उम्रकैद
ऑपरेशन कनविक्शन में पुलिस को बड़ी सफलता
गोरखपुर में वर्ष 2022 के बहुचर्चित हत्या कांड में आखिरकार न्याय की जीत हुई। गोरखपुर की अदालत ने थाना झंगहा क्षेत्र के मीठाबेल निवासी अभियुक्त गिरीश नरायण दुबे उर्फ टुन्नू को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार थाना झंगहा में वर्ष 2022 में मु0अ0सं0 429/22 के तहत धारा 302 भादवि के अंतर्गत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विवेचना के साथ-साथ न्यायालय में मजबूत पैरवी सुनिश्चित की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना स्तर के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल लगातार मामले की निगरानी करते रहे, जिसका परिणाम यह रहा कि अभियोजन पक्ष अदालत में अपराध सिद्ध कराने में सफल रहा।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-04, गोरखपुर में हुई। अदालत ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और प्रस्तुत तथ्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त गिरीश नरायण दुबे उर्फ टुन्नू पुत्र कृष्ण मोहन दुबे को हत्या का दोषी पाया। न्यायालय ने अपने फैसले में अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
इस पूरे प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से ADGC संजीत कुमार शाही तथा SPP उमेश मिश्रा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। दोनों अधिवक्ताओं ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष प्रस्तुत किया, जिससे दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी। पुलिस अधिकारियों ने भी इसे टीमवर्क और मजबूत कानूनी पैरवी का परिणाम बताया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने की दिशा में लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। गोरखपुर पुलिस की इस सफलता से यह संदेश गया है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है।
