वाराणसी
प्रेमी को देखते ही दुल्हन ने रोकी शादी, मंदिर में संपन्न हुई प्रेम विवाह की रस्म
वाराणसी। जयमाल के मंच पर युवती की नजर अपने प्रेमी पर पड़ गई। मंच पर प्रेमी को देखते ही युवती ने हिम्मत जुटाई और शादी करने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही लड़के पक्ष ने रिश्ता तोड़ना उचित समझा और बारात वापस लौट गई। इस घटना के बाद युवती के पिता काफी टूट गए, क्योंकि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद बेटी की विदाई नहीं हो सकी।
इसके बाद वह अपनी समस्या लेकर लोहता थाना पहुंचे, जहां उनकी परेशानी का ऐसा समाधान हुआ जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। लोहता थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय ने कथित प्रेमी के पिता से बातचीत की और दोनों परिवारों के एक ही जाति से होने की बात कहकर समझाया। इसके बाद लड़के पक्ष शादी के लिए तैयार हो गया। फिर 52 डीह बाबा मंदिर के सामने प्रेमी-प्रेमिका ने सात फेरे लिए और पति-पत्नी के रूप में सात जन्मों के बंधन में बंध गए।
लोहता पुलिस के इस प्रयास की चर्चा सिर्फ नवदंपती और उनके स्वजनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे इलाके में इसकी सराहना हुई। थानाध्यक्ष लोहता दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपित युवक को गिरफ्तार करना आसान था, लेकिन उससे पहले उन्होंने पीड़ित पिता से बातचीत की। पिता ने कानूनी कार्रवाई से अधिक बेटी का घर बसाने की इच्छा जताई। उन्होंने लिखित रूप से कहा कि वह अपनी बेटी की शादी उसके प्रेमी से कराने में कोई आपत्ति नहीं करेंगे। चूंकि सभी एक ही बिरादरी के थे, इसलिए छोटे से प्रयास से बड़ा समाधान निकल आया।
