वाराणसी
कर्ज में डूबे गुरुजी ने थामी पिस्टल, लूट का प्रयास नाकाम
वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के काजीसराय में बीती रात एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र संचालक जावेद अली के साथ लूट का प्रयास किया गया। जावेद अली लुच्चेपुर, भटौली के निवासी हैं और ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। उनकी सूझबूझ और स्थानीय लोगों की तत्परता से लूट की बड़ी वारदात टल गई।
काजीसराय निवासी जावेद अली अपनी दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान सुपर स्प्लेंडर बाइक से एक युवक वहां पहुंचा। उसने नकदी निकालने का बहाना बनाया और करीब 15 मिनट तक ग्राहक बनकर दुकान में मौजूद रहा। इस दौरान वह लगातार फोन पर बात करने का नाटक करते हुए दुकान की रेकी करता रहा। मौका मिलते ही उसने कमर से पिस्टल निकालकर जावेद पर तान दी और जान से मारने की धमकी देते हुए कैश मांगने लगा।
जावेद ने सूझबूझ दिखाते हुए बदमाश को बातों में उलझा लिया। उन्होंने कहा कि रुपये पीछे के कमरे में रखे हैं और वह अभी लेकर आते हैं। इसी बहाने वह पीछे के रास्ते से बाहर निकल गए और शोर मचाना शुरू कर दिया। खुद को घिरता देख बदमाश बाइक लेकर भागने लगा, लेकिन तब तक शोर सुनकर आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने घेराबंदी कर बदमाश को बाइक समेत सड़क पर गिरा दिया और उसकी पिस्टल छीनकर उसकी पिटाई कर दी।

सूचना मिलने पर बड़ागांव पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि आरोपी गौतम पटेल थाना क्षेत्र के भरतपुर का निवासी है। वह विकास इंटर कालेज में अंग्रेजी का शिक्षक है। कर्ज में डूबे होने के कारण उसने अपराध का रास्ता चुना। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया- मैंने अच्छी नौकरी के लिए एक व्यक्ति को कर्ज लेकर काफी पैसा दिया था। उसकी हर महीने 25 हजार रुपए ईएमआई जाती है। जिस स्कूल में पढ़ाता हूं, वहां सैलरी बहुत कम है। पढ़ लिखकर नौकरी न मिलने पर लूटपाट की योजना बनाई।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। जावेद अली की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की एकजुटता से बड़ी लूट की घटना टल गई। घटना ने यह भी दिखाया कि जब लोग एकजुट रहते हैं तो आपराधिक गतिविधियों का मुकाबला किया जा सकता है। साथ ही यह भी सामने आया कि अपराधी कितने भी शातिर क्यों न हों, समाज की सतर्कता और एकजुटता उनके मंसूबों को नाकाम कर सकती है। जावेद अली ने भी स्थानीय लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी मदद के बिना वह इस स्थिति से बाहर नहीं निकल पाते।
