गाजीपुर
महाराणा प्रताप जयंती पर कर्मवीर सत्यदेव सिंह पुस्तकालय एवं वाचनालय का हुआ उद्घाटन
पूर्वांचल और बिहार से जुटे समाजसेवी, संगठन की मजबूती पर हुई चर्चा
गाजीपुर (जयदेश)। तुलसीपुर स्थित महाराणा प्रताप भवन में महाराणा प्रताप क्षत्रिय समाज सेवा न्यास द्वारा महाराणा प्रताप जयंती समारोह धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्वांचल सहित विभिन्न जनपदों और बिहार से आए लगभग 300 सदस्यों, समाजसेवियों एवं अतिथियों ने सहभागिता की।

मुख्य अतिथि डॉ. रामजी सिंह , पूर्व अध्यक्ष केंद्रीय होम्योपैथिक परिषद, भारत सरकार, नई दिल्ली ने कहा कि बेटल आफ हल्दीघाटी की मिट्टी से प्रेरणा लेकर ही समाज की सुरक्षा और संगठन को मजबूती प्रदान की जा सकती है।
मंचासीन अतिथियों में राम पूजन सिंह ने संस्था की गतिविधियों को पूर्वांचल से आगे विस्तारित करने पर बल दिया। कार्यक्रम के संयोजक एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि संगठन निरंतर मजबूती के साथ कार्य कर रहा है और सभी सदस्यों को मिलकर इसकी गतिविधियों को आगे बढ़ाना चाहिए।

बिहार से आए क्षत्रिय नेता कमलेश्वर सिंह ने युवाओं से सामाजिक कुरीतियों को छोड़कर समाजहित में आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर हरकेश सिंह ने आध्यात्म और सामाजिक एकता के माध्यम से समाज को नई दिशा देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में कर्मवीर सत्यदेव सिंह पुस्तकालय एवं वाचनालय का उद्घाटन सावित्री सिंह ने फीता काटकर किया। पुस्तकालय के लिए अलमारियां और पुस्तकें सत्यदेव ग्रुप ऑफ कॉलेजेज द्वारा उपलब्ध कराई गईं। पुस्तकालय की जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह को सौंपी गई।

इस अवसर पर सत्यदेव ग्रुप के चेयरमैन परीक्षित सिंह ने भवन में वैवाहिक एवं सामाजिक आयोजनों हेतु दो कमरों के निर्माण के लिए 1,01,000 की सहयोग राशि संस्था को प्रदान की। इस पवित्र कार्यक्रम में संजीव सिंह मधु पूर्व आईएएस अधिकारी बिहार ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जिन्होंने कहा कि अब हमने नौकरी तो बहुत कर लिया लेकिन जो भी समय बचा है पूरा समय समाज सेवा में लगाऊंगा
समारोह के अंत में संस्था के अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए समाज की दिशा और दशा बदलने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन महासचिव डॉक्टर डीपी सिंह ने किया, जबकि आगंतुकों का स्वागत आजीवन सदस्यदो का डॉक्टर मृत्युंजय सिंह द्वारा किया
