गाजीपुर
डीएम आवास के सामने सामाजिक कार्यकर्ता का सत्याग्रह, सड़क व्यवस्था पर उठाए सवाल
गाजीपुर (जयदेश)। ब्रजभूषण दूबे ने जिलाधिकारी आवास के सामने उखड़ी सड़क और फैली गिट्टियों के बीच बैठकर एकल सत्याग्रह किया। इस दौरान उन्होंने सड़क पर फैली बालू को हाथों से हटाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने का संदेश दिया और सद्बुद्धि की कामना की।
ब्रजभूषण दूबे ने कहा कि शहर की अधिकांश सड़कें पिछले ढाई से तीन वर्षों से खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान जलभराव और गर्मी में उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रही है। उन्होंने कहा कि बाइक और साइकिल चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है, जबकि धूल के कारण बच्चों, महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है।
उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कों पर चलना आमजन का मौलिक अधिकार है और नागरिक जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक विभिन्न रूपों में सरकार को कर अदा करता है, इसलिए उसे बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।

ब्रजभूषण दूबे ने नवागत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से उम्मीद जताते हुए कहा कि वे अपने नाम के अनुरूप जिले की सबसे बड़ी समस्या का समाधान कर उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना और गलत को गलत कहना हर नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता और विपक्ष दोनों ही सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं पर चुप्पी साधे हुए हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है।
बालू हटाकर दिया संदेश
सत्याग्रह के दौरान ब्रजभूषण दूबे ने जिलाधिकारी आवास के सामने सड़क पर फैली सफेद बालू को अपने हाथों और पैरों से हटाया। उनका कहना था कि इस बालू की वजह से बाइक और साइकिल चालक फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने आम लोगों से भी अपनी जिम्मेदारी निभाने और व्यवस्था की खामियों को सामने लाने की अपील की।
जनहित याचिका की चेतावनी
ब्रजभूषण दूबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिले की सड़कों के गड्ढे जल्द नहीं भरे गए और नालियों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल करेंगे।
