वाराणसी
कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से घरेलू गैस की कालाबाजारी बढ़ने की आशंका
वाराणसी। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। घरेलू गैस की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने पहले कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति और बिक्री पर रोक लगाई थी। अब स्थिति सामान्य होने के बीच कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में एकमुश्त 993 रुपये की वृद्धि कर दी गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर बाहर भोजन करने वालों की जेब पर पड़ेगा, साथ ही घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
शहर में लगभग 5255 कमर्शियल गैस कनेक्शन ही पंजीकृत हैं, जबकि युद्ध के दौरान खानपान से जुड़े व्यावसायिक इकाइयों की संख्या 25 हजार से अधिक बताई गई। ऐसे में बड़ी संख्या में कारोबारी घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करते पाए जा रहे हैं। सड़क किनारे ठेले और खोमचों पर भी घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल देखा जा सकता है, जिसमें सप्लाई से जुड़े कर्मियों की मिलीभगत की बात सामने आती है। इस समय दोनों प्रकार के कनेक्शनों की मांग बढ़ी हुई है, लेकिन नए कनेक्शन जारी नहीं किए जा रहे हैं।
मौजूदा स्थिति में 14 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर लगभग 976 रुपये में मिल रहा है, जबकि 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर 993 रुपये महंगा होकर 3254 रुपये तक पहुंच गया है। ऐसे में घरेलू गैस की अवैध बिक्री बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और ठेला संचालक खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने को मजबूर होंगे, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े शरद श्रीवास्तव का कहना है कि पहले से बुक आयोजनों में अब भारी आर्थिक दबाव पड़ेगा। यदि किसी कार्यक्रम में पांच सिलेंडर की आवश्यकता होती है तो करीब पांच हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा, जबकि पहले तय किए गए शुल्क में बढ़ोतरी संभव नहीं होती। वहीं वहीं एक मिष्ठान भंडार के दुकानदार ने कहा कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी के कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ाना अनिवार्य हो जाएगा। व्यवसायी जितेंद्र लालवानी के अनुसार, पहले से ही कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति पर्याप्त नहीं थी, ऐसे में कीमतों में तेज वृद्धि से स्थिति और कठिन हो गई है और खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ना तय है।
