वाराणसी
स्मार्ट मीटर बना मुसीबत, कम खपत पर भी भारी बिल से उपभोक्ता परेशान
वाराणसी। जिले के पिंडरा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। कम खपत के बावजूद अत्यधिक बिल आने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। शासन स्तर से समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात में सुधार नहीं दिख रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों की मनमानी के चलते जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
थाना गांव निवासी अंजनी पांडेय और मानापुर पिंडरा के संतोष बेनबंशी सहित सैकड़ों उपभोक्ता इससे प्रभावित हैं। अश्विनी पांडेय के अनुसार, लगभग दो माह पहले खालिसपुर स्थित उनकी दुकान पर जबरन स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। मड़ाई के कारण दुकान अधिकतर समय बंद रही, जिससे पूरे महीने में मात्र दो यूनिट बिजली खपत दर्ज हुई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दो हजार रुपये का बिल थमा दिया गया।
पीड़ित ने बिल की अनियमितता का वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेजा और शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मार्च माह में भी इसी तरह दो हजार रुपये का बिल आया। लगातार शिकायत करने के बावजूद बिल में सुधार नहीं हुआ, बल्कि मंगलवार को उनकी बिजली आपूर्ति ही काट दी गई।
वहीं, संतोष बेनबंशी ने बताया कि चार हजार रुपये बकाया होने पर उनका कनेक्शन काट दिया गया, इसके बावजूद बिल बढ़कर पांच हजार रुपये हो गया। उनका आरोप है कि कोई भी अधिकारी उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है।
इस संबंध में एसडीओ प्रशांत शुक्ला का कहना है कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि विद्युत कनेक्शन कटने के बाद भी स्मार्ट मीटर का किराया लगभग 10 रुपये प्रतिदिन जुड़ता रहता है, जिससे बिल की राशि बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और जल्द ही इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
