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गोरखपुर

भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से मानव जीवन को हो सकता है भागवत प्राप्ति : श्वेतिमा माधव प्रिया

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जानीपुर में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

गोलाबाजार (गोरखपुर)। गोला थाना क्षेत्र स्थित जानीपुर  शिव मंदिर परिसर में रुद्र महायज्ञ के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन  अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया ने कथा के महत्त्व एवं भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत श्रवण से न केवल तापत्रय (दुख) का नाश होता है, बल्कि मानव जीवन का परम लक्ष्य भगवत्प्राप्ति भी सहज हो जाता है। उन्होंने भागवत कथा को मोक्षदायी एवं सदाचार का मूल बताया।

कथा का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ हुआ, जिसमें भागवत के प्रथम श्लोक ‘सच्चिदानन्द रूपाय’ का उच्चारण कर भगवान के सत्य-चित्त-आनंद स्वरूप का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन केवल भोजन और संतानोत्पत्ति तक सीमित नहीं है, यह तो पशु भी करते हैं। मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य ईश्वर स्मरण और सत्कर्म करना है।

कथा के दौरान भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा ही जीव के कल्याण का सर्वोत्तम साधन है। श्रीमद्भागवत को साक्षात भगवान का स्वरूप बताते हुए उन्होंने इसके श्रवण को जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया अल्पायु में ही श्रीमद्भागवत कथा वाचन के माध्यम से देश-विदेश में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार कर रही हैं। अब तक वे अनेक स्थानों पर कथा कर चुकी हैं ।और  जानीपुर में अपनी 29वीं कथा सुना रही हैं।

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इस अवसर पर मुख्य यजमान डॉ. रमेश सिंह, उमाशंकर सिंह एवं सदानंद वर्मा सहित पुजारी राधेश्याम तिवारी, राजेश सिंह राजन, रोशन श्रीवास्तव, मंटू सिंह, विजय कुमार, मनोज वर्मा,  कामेश्वर शास्त्री तथा सहयोगी नागेंद्र शर्मा, भानुप्रताप दूबे, रमेश दूबे, अजय दूबे एवं अखिलेश दूबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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