गोरखपुर
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर दिलाई गई राष्ट्रीय एकता की शपथ
गोरखपुर। जनपद के बाबू पुरूषोत्तम दास राधा रमण दास महाविद्यालय, कूड़ाघाट, गोरखपुर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विकास रंजन मणि त्रिपाठी ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि किया गया। इस अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के उप-प्राचार्य बालमुकुंद पांडेय ने कहा कि सरदार पटेल भारत के उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के दायित्वों का निर्वहन निष्ठा एवं ईमानदारी पूर्वक किया। उनकी पहली प्राथमिकता देसी रियासतों को भारत में शामिल करना था। इस कार्य को उन्होंने बगैर किसी बड़े लड़ाई झगड़े के बखूबी किया परंतु हैदराबाद के ऑपरेशन पोलो के लिए सेना भेजनी पड़ी। भारत के एकीकरण में सरदार पटेल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विकास रंजन मणि त्रिपाठी ने किया और कहा कि भारत के इतिहास में यदि किसी व्यक्ति को एकता का प्रतीक कहा गया है, तो वह निस्संदेह सरदार वल्लभभाई पटेल हैं। उन्हें उनके अद्भुत नेतृत्व, दृढ़ निश्चय और अटूट राष्ट्रभक्ति के कारण लौह पुरुष की उपाधि दी गई। देश के एकीकरण में उनका योगदान अतुलनीय रहा है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने छात्रों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र/छात्राएं उपस्थित थे।
