मिर्ज़ापुर
मंडलीय चिकित्सालय में गूंजी किलकारियां, नन्हीं बेटियों का धूमधाम से मनाया जन्मदिन
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का दिया संदेश, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने काटा केक व बांटे उपहार
मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय परिसर में रविवार को बेटियों के सम्मान और उनके संरक्षण का अनूठा संदेश देखने को मिला। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध मंडलीय चिकित्सालय में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना और राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान चिकित्सालय में जन्मी और दत्तक ग्रहण इकाई से जुड़ी नन्हीं बच्चियों का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बढ़ाया बेटियों का उत्साह
समारोह में नगर विधायक, मझवां विधायक और मड़िहान विधायक सहित प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की मौजूदगी में केक काटा गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवजात बच्चियों को गोद में लेकर दुलारा तथा उनकी माताओं को बधाई दी।
बेटियां समाज की ताकत : जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बेटियां समाज की ताकत हैं और आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बेटियों के जन्म पर उत्सव मनाना समाज में बदलती सोच और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बेटियों को सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
दत्तक ग्रहण इकाई की पहल की सराहना
राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई के माध्यम से अनाथ एवं बेसहारा बच्चों को सुरक्षित वातावरण और परिवार उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी सराहना की गई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों के जीवन में नई उम्मीद पैदा करते हैं और समाज को मानवीय संवेदनाओं के प्रति जागरूक करते हैं।
माताओं को बांटी गई बेबी किट और उपहार
समारोह के लिए चिकित्सालय परिसर को गुब्बारों और झालरों से सजाया गया था। बच्चियों का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। इस दौरान उनकी माताओं को बेबी किट, वस्त्र, पौष्टिक आहार और अन्य उपहार प्रदान किए गए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बच्चियों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संस्थागत प्रसव और नवजात देखभाल पर जोर
चिकित्सालय प्रशासन ने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के जन्म को बोझ नहीं बल्कि उत्सव के रूप में स्वीकार करने का संदेश दिया गया। समारोह का समापन बेटियों के सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ हुआ।
