मिर्ज़ापुर
रमई पट्टी में खुले में बायोमेडिकल कचरा
संक्रमण के खतरे से सहमे लोग
सिरिंज, पट्टियां और मेडिकल सामग्री सार्वजनिक गली में फेंकने का आरोप; कार्रवाई नहीं होने से बढ़ा आक्रोश
मीरजापुर। जिला मुख्यालय के प्रमुख व्यावसायिक एवं आवासीय क्षेत्र रमई पट्टी चौराहे के पास खुले में कथित तौर पर बायोमेडिकल कचरा फेंके जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौराहे के पास संचालित दो चिकित्सालयों से इस्तेमाल की गई सिरिंज, खून से सनी पट्टियां, कॉटन, खाली दवाइयों की बोतलें और अन्य मेडिकल सामग्री सार्वजनिक गली के बाहर फेंकी जा रही है। इससे लोगों में संक्रमण और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
आवारा पशु कचरा फैला रहे
रमई पट्टी चौराहा व्यस्त इलाका है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में राहगीरों, मरीजों और स्कूली बच्चों का आवागमन होता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक खुले में पड़े मेडिकल कचरे को आवारा पशु और कुत्ते इधर-उधर फैला देते हैं। इससे दूषित सामग्री और सिरिंज सड़क तक पहुंच जाती हैं। कचरे से दुर्गंध फैलने की भी शिकायत की गई है।
बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पतालों से निकलने वाले संक्रमित कचरे का खुले में निस्तारण लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
लोगों ने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और नगर पालिका प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित चिकित्सालयों का निरीक्षण कर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करने और सार्वजनिक स्थान पर पड़े मेडिकल कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराने की मांग की है।
