मिर्ज़ापुर
जमीन की हेराफेरी और कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर लेखपाल निलंबित
मिर्जापुर। जिले के मड़िहान तहसील के देवरी कलां गांव में करोड़ों की जमीन विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि चकबंदी के दौरान अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन के अभिलेखों में हेरफेर कर एक पक्ष की चारदीवारी को जमींदोज कर दिया गया। मामले में देवरी कलां के लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तहसील के एक अन्य अधिकारी पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
मिर्जापुर-सोनभद्र संपर्क मार्ग के किनारे स्थित इस जमीन पर रामलखन सिंह का कब्जा बताया जाता है। उन्होंने चारदीवारी बनाकर यहां हॉट मिक्स प्लांट स्थापित किया था। दूसरी ओर, रामराज यादव भी इस जमीन पर दावा करते हैं।
कुछ दिनों पहले रामलखन सिंह ने आरोप लगाया कि रामराज यादव ने अधिकारियों की मिलीभगत से नक्शा संशोधन कर उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। इसके तहत उनकी चारदीवारी को तोड़ दिया गया। जबकि न्यायालय से इस जमीन पर स्थगन आदेश जारी किया गया था।

लेखपाल पर गिरी गाज
मामले में तत्कालीन लेखपाल देवरी कलां की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। उन पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना और जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप है। इसी के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
चारदीवारी गिराने की शिकायत पर रामलखन सिंह ने रामराज यादव और 10 अन्य लोगों के खिलाफ मड़िहान थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एडिशनल एसपी नक्सल ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का मुआयना किया है। मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल तहसील के एक अधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है। जमीन विवाद के इस प्रकरण ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
