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वाराणसी

गैस सिलेंडर संकट के बीच वाराणसी में इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी, कीमतों में भी उछाल

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वाराणसी। खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की कमी का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। इसका प्रभाव वाराणसी में भी देखने को मिल रहा है, जहां लोगों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सिलेंडर लेने के लिए लोगों को गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

गैस सिलेंडर की कमी का असर शादी-विवाह के आयोजनों से लेकर रेस्टोरेंट तक पर पड़ रहा है, जहां कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित बताई जा रही है। ऐसे में घरों में गैस खत्म होने के बाद लोगों के सामने खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हा एक विकल्प के रूप में सामने आ रहा है। इसी कारण शहर के बाजारों में इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है। पहले जहां एक सप्ताह में किसी दुकान से एक या दो इंडक्शन चूल्हे ही बिकते थे, वहीं अब एक ही दुकान से प्रतिदिन चार से पांच इंडक्शन चूल्हों की बिक्री हो रही है।

बनारस निवासी श्रेयस ने बताया कि घर से अचानक फोन आया कि गैस सिलेंडर खत्म हो गया है। सिलेंडर की व्यवस्था करने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद घर से फिर सूचना मिली कि गैस न होने के कारण खाना नहीं बन पाएगा। ऐसी स्थिति में उन्होंने आपात स्थिति को देखते हुए पहली बार इंडक्शन चूल्हा खरीद लिया।

श्रेयस के अनुसार उन्हें इस तरह के गैस संकट की कोई उम्मीद नहीं थी। अचानक गैस खत्म हो गई और बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सप्लाई नहीं हो सकी, जिसके चलते इंडक्शन खरीदना पड़ा। उनका कहना है कि इससे कम से कम खाना बन सकेगा और बच्चों के लिए दूध गर्म किया जा सकेगा।

इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान चलाने वाले दिनेश पटेल ने बताया कि ईरान में चल रहे युद्ध के कारण इंडक्शन चूल्हों की मांग में आई अचानक वृद्धि ने उन्हें भी चौंका दिया है। उनके अनुसार सिलेंडर की कमी के चलते लोग अपनी जरूरत पूरी करने के लिए इंडक्शन चूल्हों का सहारा ले रहे हैं।

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वहीं सिलेंडर संकट को लेकर जिला आपूर्ति अधिकारी केबी सिंह ने बताया कि कुछ कंपनियों की ओर से व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई कम कर दी गई थी, जिससे मांग अचानक बढ़ गई। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है।

गैस एजेंसी के प्रबंधक आयुष मिश्रा के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी देखी जा रही है, जबकि घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई 48 घंटे के भीतर की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग 25 दिन के बाद होनी होती है, उन्हें भी सप्लाई दी जा रही है, जिससे लोगों के बीच कुछ भ्रम की स्थिति बन रही है।

गैस सिलेंडर की कमी के बीच बाजार में इंडक्शन और इंफ्रारेड कुकटॉप की मांग बढ़ गई है। बाजार में 1400 से लेकर 2500 वॉट तक के इंडक्शन और इंफ्रारेड कुकटॉप उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत लगभग 1400 से 3500 रुपये के बीच बताई जा रही है। इंडक्शन चूल्हों पर केवल इंडक्शन वाले बर्तन ही उपयोग में आते हैं, जबकि इंफ्रारेड कुकटॉप पर स्टील के सभी प्रकार के बर्तन इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

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