मिर्ज़ापुर
गैपुरा का डिवाइडर बना जानलेवा
बाप-बेटे की मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
10 दिन में सुधार कार्य शुरू कराने का पीडब्ल्यूडी अधिकारी का आश्वासन, नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
मिर्जापुर। गैपुरा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना डिवाइडर लगातार हादसों का कारण बनता जा रहा है। गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में एक बाप-बेटे की मौत के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों का घेराव किया और डिवाइडर के निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि डिवाइडर का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। उस पर न तो रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, न पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था है और न ही उसकी ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार है। रात के समय वाहन चालकों को डिवाइडर दिखाई नहीं देता, जिससे वाहन सीधे उससे टकरा जाते हैं और गंभीर हादसे हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस डिवाइडर के कारण अब तक 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। उनका कहना है कि गैपुरा से आगे तक ऐसे चार स्थान हैं, जो पूरी तरह ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं। इन स्थानों पर लगभग हर महीने तीन से चार लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो रही है।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी अधिकारी अजीत वर्मा से ग्रामीणों ने तीखे सवाल किए। लोगों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारी ने कैमरे पर आश्वासन दिया कि 10 दिनों के भीतर डिवाइडर के सुधार और नवीनीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण लगातार लोगों की जान जा रही है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
