मिर्ज़ापुर
विश्व मानव तस्करी विरोध दिवस पर कार्यशाला आयोजित
जागरूकता और समन्वय पर दिया गया जोर
डीएम पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मानव तस्करी, ऑनलाइन ठगी और फर्जी रोजगार के प्रति किया गया जागरूक
मीरजापुर। विश्व मानव तस्करी विरोध दिवस के अवसर पर गुरुवार को होटल कोणार्क ग्रैंड सबरी में श्रम विभाग मीरजापुर एवं मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य मानव तस्करी, ऑनलाइन ठगी और रोजगार के नाम पर होने वाले छल-कपट के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा इस अपराध की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों एवं समुदाय के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मानव तस्करी केवल महिलाओं और बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार, शिक्षा, विवाह और अन्य झूठे प्रलोभनों के माध्यम से भी लोगों को इसका शिकार बनाया जाता है। प्रतिभागियों को सुरक्षित प्रवासन, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, समय पर सूचना देने की प्रक्रिया तथा सरकारी सहायता तंत्र की जानकारी विस्तार से दी गई।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। सभी ने मानव तस्करी की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों को और प्रभावी बनाने तथा जन-जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।
मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान, वाराणसी के प्रतिनिधियों ने कहा कि मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता की संयुक्त भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर सूचना ही इस अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने का सबसे सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने मानव तस्करी के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने, संदिग्ध मामलों की तत्काल सूचना संबंधित विभागों को देने तथा प्रत्येक व्यक्ति के सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्रा, बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल वर्मा, क्षेत्राधिकारी (पुलिस), जिला पंचायत राज अधिकारी राम उदय यादव, जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय, एएचटीयू के प्रभारी निरीक्षक, चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, अधिवक्ता संभव गुप्ता, मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के प्रतिनिधि तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
