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गोरखपुर

अनट्रेंड चालक की लापरवाही से मासूम बालिका घायल

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खजनी में ट्रैक्टर-ट्रॉली का कहर

गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र में एक बार फिर सड़क हादसे ने युवती की जिंदगी खतरे में डाल दिया। शनिवार को 8 बजे सुबह कटघर सतुआभार मार्ग पर अनियंत्रित तेज रफ्तार वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सड़क किनारे खड़ी अंशिका यादव (पुत्री हरिओम यादव, निवासी बारपार बारगाह) को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।

स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत घायल बालिका को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली बेहद तेज गति से जा रही थी और चालक का वाहन पर कोई काबू नहीं था। चालक अनट्रेंड (बिना प्रशिक्षण या लाइसेंस) था, जिसके पास न तो कोई अनुभव था और न ही वाहन पर सुरक्षा के बुनियादी उपाय थे। सड़क पर कोई स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड या ट्रैफिक नियंत्रण नहीं था, जिससे हादसा और घातक साबित हुआ।

ग्रामीण इलाकों में ऐसे अनप्रशिक्षित चालकों द्वारा भारी वाहनों का संचालन अब आम समस्या बन चुकी है, जो बार-बार हादसों को न्योता दे रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी रोष फैल गया।

स्थानीय लोग सड़क पर एकत्र होकर प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। उनका कहना है कि स्कूल समय में बच्चों की आवाजाही वाले मार्गों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की बेलगाम रफ्तार पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं है, जिसका नतीजा निर्दोष बच्चे और पैदल यात्री भुगत रहे हैं।

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पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू की और फरार चालक की तलाश तेज कर दी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने पर चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी सजा दिलाई जाएगी। साथ ही, क्षेत्र में यातायात नियमों के सख्त पालन, अनट्रेंड चालकों पर नकेल कसने और भारी वाहनों की नियमित जांच के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही गई है।

यह हादसा ग्रामीण यातायात व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। अनप्रशिक्षित चालक, अंधाधुंध रफ्तार और सुरक्षा उपायों की कमी यह खतरनाक संयोजन किसी भी समय बड़ी त्रासदी का रूप ले सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहनों के लिए अनिवार्य ड्राइविंग प्रशिक्षण, लाइसेंसिंग सिस्टम और स्पीड लिमिट लागू करना जरूरी है। प्रशासन को अब ठोस कदम उठाने होंगे—प्रशिक्षण शिविर आयोजित करना, हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर निगरानी बढ़ाना तथा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना। तभी ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा और मासूम जिंदगियां सुरक्षित रह सकेंगी।

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