गोरखपुर
साइबर ठगी के 4.09 करोड़ रुपये USDT में बदलने वाला आरोपी गिरफ्तार
गोरखपुर पुलिस की कार्रवाई, 2.51 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप, मोबाइल और तीन एटीएम कार्ड बरामद
गोरखपुर। साइबर ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों के जरिए निकालकर क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदलने वाले गिरोह के एक वांछित आरोपी को चिलुआताल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गगहा थाना क्षेत्र के असवनपार निवासी गोविन्द वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 2.51 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप, एक मोबाइल फोन और तीन एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
34 बैंक खातों से जुड़ी 4.09 करोड़ की शिकायतें
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह साइबर फ्रॉड और इन्वेस्टमेंट व ट्रेडिंग के नाम पर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों में जमा कराता था। जांच के अनुसार, कुल 34 म्यूल बैंक खातों से संबंधित साइबर ठगी की 4,09,11,738 रुपये की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। ये शिकायतें बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से संबंधित हैं।
20 प्रतिशत कमीशन का दिया जाता था लालच
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले 20 प्रतिशत कमीशन देने का प्रलोभन देते थे। इसके लालच में कुछ लोग अपने बैंक खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, एटीएम कार्ड और चेक गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध करा देते थे। इन खातों में साइबर ठगी की रकम जमा होने के बाद एटीएम और चेक के माध्यम से नकदी निकाली जाती थी।
इसके बाद निर्धारित कमीशन काटकर शेष रकम को विदेशी एजेंटों के माध्यम से USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था। फिर उसे निर्धारित विदेशी वॉलेट एड्रेस पर भेज दिया जाता था। इस तरह बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम को नकदी और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए आगे हस्तांतरित किया जाता था।
लैपटॉप और मोबाइल से USDT में बदलता था रकम
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गोविन्द वर्मा ने बताया कि वह मकसूद आलम खां के लिए काम करता था। उसका काम लैपटॉप और मोबाइल की मदद से साइबर ठगी की रकम को USDT में परिवर्तित कर विदेशी वॉलेट में भेजना था। पुलिस अब रकम के वास्तविक स्रोत, बैंक खाताधारकों की भूमिका और गिरोह के अन्य सदस्यों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
पहले पांच आरोपी भी भेजे जा चुके हैं जेल
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 9 अक्टूबर 2026 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। अब गोविन्द वर्मा की गिरफ्तारी के बाद गिरोह की कार्यप्रणाली और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ चिलुआताल थाने में मुकदमा संख्या 792/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 317(5), 338, 336(3) तथा आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D में मामला दर्ज है।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में निरीक्षक फिरोज अहमद खान, चिलुआताल थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक सूरज सिंह, साइबर प्रभारी उपनिरीक्षक सच्चिदानंद पांडेय तथा कांस्टेबल पंकज कुमार पांडेय और सूर्यांश सिंह शामिल रहे। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों और साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
