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गाजीपुर

बहरियाबाद में बढ़ी प्राकृतिक पेय पदार्थों की मांग

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बहरियाबाद (गाजीपुर)। भीषण गर्मी के इस मौसम में बहरियाबाद क्षेत्र और आस-पास के बाजारों में प्राकृतिक पेय पदार्थों की दुकानें सज गयी हैं। इन पेयों की ओर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि ये न केवल शरीर को ठंडक और ताजगी प्रदान करते हैं, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम पेय पदार्थों के अधिक सेवन से शरीर में कई प्रकार की बीमारियाँ जन्म लेती हैं, जिनमें फैटी लिवर, डायबिटीज, मोटापा, हड्डियों की कमजोरी, दांतों की सड़न और किडनी की समस्या शामिल हैं।

प्राकृतिक पेय पदार्थों की बात करें तो नींबू पानी सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी विकल्प है। इसमें नींबू का रस, पानी, स्वादानुसार नमक या चीनी मिलाकर तैयार किया जाता है। यह न केवल विटामिन C से भरपूर होता है बल्कि शरीर को हाइड्रेट भी रखता है। इसके अलावा लस्सी उत्तर भारत में खासतौर पर लोकप्रिय है, जिसे मीठा या नमकीन रूप में पिया जाता है। मीठी लस्सी में अक्सर इलायची का प्रयोग किया जाता है, जो स्वाद के साथ-साथ ताजगी भी देता है।

छाछ एक और पारंपरिक पेय है जो लस्सी से पतला होता है और पाचन में अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसमें नमक, पुदीना और भूना जीरा मिलाकर सेवन किया जाता है। गर्मियों के मौसम में तरह-तरह के शरबत भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। गुलाब, खस, चंदन और फालसा जैसे स्वादिष्ट विकल्प दूध या पानी में मिलाकर तैयार किए जाते हैं, जो शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और दिनभर की थकान मिटा देते हैं।

गन्ने का रस भी गर्मियों में खासा लोकप्रिय है। यह मीठा और तुरंत ऊर्जा प्रदान करने वाला पेय है, जिसे हर बाजार में आसानी से पाया जा सकता है। नारियल पानी को प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स का स्रोत माना जाता है। इसे नियमित रूप से पीने से थकान, कमजोरी और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में राहत मिलती है।

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सत्तू का शरबत गर्मी के लिए रामबाण उपाय है। भुने चने के आटे से बना यह पेय फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होता है और शरीर को ठंडक तथा ऊर्जा प्रदान करता है। इसे मीठा या नमकीन रूप में पिया जाता है। वहीं बेल का शरबत शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ ऊर्जा से भी भर देता है, इसलिए यह भी बेहद लोकप्रिय विकल्प बन गया है।

आज जब बाजार कृत्रिम पेयों से भरे पड़े हैं, तब इन प्राकृतिक विकल्पों की ओर लौटना न केवल पारंपरिक है बल्कि सेहत के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। कोका-कोला, थम्सअप, लिम्का जैसे कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का अधिक सेवन नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है। ऐसे में इन गर्म दिनों में ताजगी और स्वास्थ्य दोनों के लिए प्राकृतिक पेयों को प्राथमिकता देना ही समझदारी होगी।

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