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गाजीपुर

गांवों में उगने लगे ‘कुकुरमुत्ता नेता’, चुनाव आते ही याद आने लगे मतदाता

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पांच साल गायब रहने वाले भावी प्रत्याशी अब घर-घर दे रहे दस्तक, शादी से लेकर बीमारी तक में दिखा रहे सक्रियता

बहरियाबाद, गाजीपुर। ग्राम प्रधान चुनाव की आहट के साथ ही बहरियाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सियासी हलचल तेज होने लगी है। ग्राम प्रधान पद के संभावित उम्मीदवार अभी से मतदाताओं के दरवाजे खटखटाने लगे हैं। गांवों में ऐसे नेताओं को लेकर मतदाता व्यंग्य करते हुए उन्हें ‘कुकुरमुत्ता नेता’ कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस तरह बारिश के मौसम में अचानक कुकुरमुत्ते उग आते हैं, उसी तरह चुनाव नजदीक आते ही कुछ नेता भी सक्रिय हो जाते हैं।

शादी से लेकर बीमारी तक में दिख रही सक्रियता

ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि जो लोग पिछले कई वर्षों से गांव की समस्याओं से दूर रहते थे, वे अब हर मौके पर दिखाई देने लगे हैं। शादी समारोह में पहुंचकर तस्वीरें खिंचवाने से लेकर किसी के निधन पर शोक जताने और बीमार व्यक्ति की मदद के लिए आगे आने तक की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसे चुनावी सहानुभूति हासिल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

दावतों और उपहारों से मतदाताओं को लुभाने की चर्चा

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चुनाव की तैयारी में जुटे संभावित प्रत्याशियों की बैठकों और दावतों को लेकर भी ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चाएं हो रही हैं। कुछ जगहों पर मतदाताओं को साड़ी, कंबल और अन्य सामान देने तथा युवाओं को क्रिकेट किट और खेल सामग्री बांटकर आकर्षित करने की कोशिशों की चर्चा है।

सोशल मीडिया पर भी भावी प्रत्याशियों की भरमार

गांव की दीवारों और बिजली के खंभों पर पोस्टर नजर आने लगे हैं। वहीं, फेसबुक और व्हाट्सएप पर भी कई लोग खुद को ‘भावी प्रत्याशी’ और ‘जनसेवक’ बताकर प्रचार में जुट गए हैं। संभावित उम्मीदवार वर्तमान ग्राम प्रधान के कार्यों में कमियां निकालकर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

मतदाताओं को तय करना होगा असली जनसेवक

ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव खत्म होने के बाद इनमें से कितने नेता गांव की समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध रहेंगे। मौसमी सक्रियता पर तंज कसते हुए लोगों का कहना है कि चुनाव के बाद ऐसे नेता फिर गायब हो जाते हैं। ऐसे में मतदाताओं को उन लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जो चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि पूरे साल गांव और ग्रामीणों के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं।

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