प्रयागराज
42 साल की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए वायुसेना प्रमुख एपी सिंह
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान निर्णायक नेतृत्व, वायुसेना की युद्धक क्षमता और आधुनिकीकरण में दिया अहम योगदान
प्रयागराज। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को 42 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवानिवृत्त होने के साथ ही राष्ट्रसेवा का उनका शानदार सैन्य करियर संपन्न हो गया। कुशल लड़ाकू पायलट और परीक्षण पायलट के रूप में उन्होंने भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, युद्ध की तैयारियों और आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वायुसेना प्रमुख के रूप में उनके कार्यकाल में परिचालन तैयारियों और निर्णायक नेतृत्व पर विशेष जोर रहा। रक्षा विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना ने अपनी युद्धक क्षमता, परिचालन सटीकता और राष्ट्रीय उद्देश्यों के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। उनके नेतृत्व में वायुसेना की विभिन्न अभियानों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता को और मजबूती मिली।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने वायुसेना के जवानों और अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने व्यावसायिकता, जवाबदेही, पहल करने की भावना और सेवा के प्रति गर्व को महत्वपूर्ण बताया। युवा अधिकारियों, एयरमैन और कैडेटों को प्रोत्साहित कर उन्होंने भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने पर जोर दिया।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वदेशीकरण, नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान दिया। उनका उद्देश्य भारतीय वायुसेना को तकनीकी रूप से सक्षम, विश्वसनीय और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना रहा।
भारतीय वायुसेना ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती सरिता सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वायुसेना के प्रति उनका समर्पण, परिचालन नेतृत्व और जवानों के साथ जुड़ाव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
