गोरखपुर
महंगाई और वैश्विक संकट की मार, टूटने लगा ग्रामीण सर्राफा कारोबार
प्रधानमंत्री की अपील और बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहक गायब
स्वर्ण व्यवसायियों की बढ़ी चिंता
गोरखपुर। लगातार बढ़ती महंगाई, अंतरराष्ट्रीय तनाव और सोने की आसमान छूती कीमतों ने अब ग्रामीण क्षेत्रों के स्वर्ण कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। कस्बों और गांवों में वर्षों से चले आ रहे सर्राफा व्यवसाय पर मंदी की ऐसी मार पड़ी है कि दुकानदार अब रोजी-रोटी और दुकान का किराया निकालने तक को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के स्वर्ण व्यवसायियों का कहना है कि देश में बढ़ती महंगाई के बीच प्रधानमंत्री की सादगी और बचत की अपील का असर भी आम जनता पर दिखाई दे रहा है। लोग अब सोना खरीदने से दूरी बना रहे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है।
स्वर्ण व्यवसायी संगठन के नेता अनिल बर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सर्राफा व्यापार पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंच गया है। पहले जहां शादी-विवाह और त्योहारों में ग्राहकों की भीड़ रहती थी, वहीं अब बाजार सूने पड़े हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से लोग जरूरी खर्च तक सीमित हो गए हैं और सोना खरीदना उनकी प्राथमिकता से बाहर होता जा रहा है।
वहीं व्यवसायी रामजी बर्मा ने कहा कि वैश्विक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकट का सीधा असर अब छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। सोने की कीमतों में लगातार उछाल से ग्राहक गायब हो गए हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि “दुकान चलाना मुश्किल हो गया है। समझ नहीं आ रहा कि रोजी-रोटी कैसे चलेगी और दुकान का किराया कैसे निकलेगा।”
ग्रामीण कस्बों में सर्राफा बाजार की सुस्ती अब व्यापारियों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो छोटे दुकानदारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
