वाराणसी
कॉलेज परिसर में कर्मचारी की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
वाराणसी। शहर के पांडेयपुर स्थित प्रसाद इंस्टिट्यूट ऑफ कॉलेज परिसर में कार्य के दौरान एक नवनियुक्त परिचारक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजन कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए और सीसीटीवी कैमरों के तार गायब करने का आरोप भी लगाया। यह मामला लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र का है।
मृतक की पहचान कृष्णानन्द यादव (पुत्र मिठई यादव, निवासी पचवारा सियरिया, थाना चोलापुर) के रूप में हुई है। बताया गया कि वह कॉलेज परिसर में परिचारक के पद पर कार्यरत था। मृतक के बड़े भाई ने जानकारी देते हुए कहा कि कृष्णानन्द यादव भाइयों में सबसे छोटा था और अपनी पत्नी व तीन बेटियों के साथ ही परिवार का पालन-पोषण करता था। उन्होंने बताया कि करीब 8 अप्रैल को ही उसने कार्यभार संभाला था।

राजनारायण के अनुसार, उनके छोटे भाई कृष्णानन्द यादव की बीती शाम लगभग 6 बजे कॉलेज परिसर में कॉलेज प्रशासनिक कार्य के दौरान मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने परिजनों को घटना की सूचना देने के बजाय बॉडी रख दी। वहीं, कृष्णानन्द यादव को दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के अस्पताल पहुंचने तक कॉलेज के सभी कर्मचारी मौके से फरार हो चुके थे। इसके बाद परिजनों ने कॉलेज प्रशासन से घटना संबंधी सीसीटीवी फुटेज की मांग की। परिजनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे और उनके नेटवर्क फेंक दिए। इससे नाराज परिजनों द्वारा घंटों धरना प्रदर्शन किया गया। साथ ही कृष्णानन्द यादव की हत्या का आरोप लगाते हुए लोगों ने कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि कॉलेज प्रशासन जानबूझकर घटना को छिपा रहा है और गलत कहानी प्रस्तुत कर रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंची लालपुर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर की जांच जारी है और घटना की वास्तविकता का पता लगाया जा रहा है।
