वाराणसी
साथी की हत्या के बाद भड़के छात्र, प्राचार्य आवास पर पथराव; वाहन क्षतिग्रस्त
वाराणसी। शहर के यूपी कॉलेज में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब सामाजिक विज्ञान संकाय के बरामदे में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना को बीए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र मंजीत चौहान ने अपने दो साथियों अनुज सिंह और करण चौहान के साथ मिलकर अंजाम दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 11 बजे मंजीत अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और सूर्य प्रताप पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में सूर्य के सिर, सीने और कमर में तीन गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे प्राचार्य की गाड़ी से सिंह मेडिकल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद परिसर में मौजूद छात्र आक्रोशित हो उठे और प्राचार्य प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह के सरकारी आवास की ओर बढ़ गए। वहां तैनात गार्ड को भगा दिया गया और स्टाफ सदस्य कृपा शंकर पर ईंट से हमला करने का प्रयास किया गया, हालांकि वह खुद को कमरे में बंद कर सुरक्षित रहे। करीब 50 छात्रों की भीड़ ने प्राचार्य के निजी वाहन को गमलों और फावड़े से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान प्राचार्य की मां ने छात्रों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तब काबू में आई जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा और भीड़ को हटाया गया।

वारदात के बाद आरोपी मंजीत चौहान सामाजिक विज्ञान संकाय की पहली मंजिल की ओर भागा और पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गया। भागने के दौरान उसकी पिस्टल नीचे गिर गई, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। अन्य आरोपी भी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए। घटना के बाद छात्रों ने कॉलेज का मुख्य द्वार बंद कर हंगामा और तोड़फोड़ की।
सूचना मिलते ही डीसीपी प्रमोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात पर नियंत्रण पाया। एहतियातन परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

मृतक सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र के दुबैथा गांव का रहने वाला था और कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले सूर्य और मंजीत के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसे इस हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं प्राचार्य आवास पर हमले में शामिल अन्य छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मृतक के पिता ऋषिदेव सिंह संत अतुलनानंद स्कूल में प्रबंधक राहुल सिंह की गाड़ी चलाते हैं। फिलहाल वह शहर से बाहर हैं। माता किरन सिंह भी अतुलनानंद में काम करती हैं। मृतक को घर पर पवन कहकर बुलाते थे। वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। दो बेटिंयां है।
