वाराणसी
होटल से भाग कर पुलिस थाने पहुंची किशोरी, तीन महिला सहित चार आरोपी गिरफ्तार
फर्जी आधार कार्ड बनवाकर किशोरी को दिखाया बालिग, मदद का झांसा देकर वाराणसी से अपहरण
वाराणसी/बरेली। वाराणसी की एक किशोरी को फंसाकर बरेली जिले में देह व्यापार के नरक में धकेलने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। वाराणसी जंक्शन पर लावारिस हालत में भटक रही किशोरी को मदद का झांसा देकर अगवा किया गया और बरेली ले जाकर बंधक बना लिया गया। गत रात सैटेलाइट बस स्टैंड के समीप स्थित लिटिल क्राउन होटल से किसी तरह भागकर पीड़िता पुलिस थाने पहुँची, जहाँ उसने आपबीती सुनाकर इस काले कारोबार का भंडाफोड़ किया।
पुलिस ने किशोरी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। धरे गए आरोपियों की पहचान बबली यादव, जसलीन कौर, नेपाली मूल की दुर्गालावती और विनोद यादव के रूप में हुई है। पुलिस अब वाराणसी से किशोरी का अपहरण करने वाली मुख्य आरोपी रिया सहित उसके साथियों खलील खां और विनय की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वाराणसी स्टेशन पर उसकी मुलाकात रिया नाम की महिला से हुई थी। रिया उसे सहानुभूति दिखाकर अपने घर ले गई और दो दिन बाद जबरन डरा-धमकाकर बरेली ले आई। यहाँ उसे बबली यादव के सुपुर्द कर दिया गया, जहाँ बबली और उसके मित्र विनोद यादव ने उसे कमरे में कैद कर शारीरिक व मानसिक यातनाएं दीं। विरोध करने पर बबली और उसके पति खलील खां ने मारपीट कर उसे चुप करा दिया। निरंतर होने वाले अत्याचार के कारण किशोरी के शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया, लेकिन आरोपियों ने उसका उचित उपचार कराने के बजाय केवल मेडिकल स्टोर से लाकर दवाइयां खिला दीं।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो होटलों एवं रेस्टोरेंटों में घंटों के हिसाब से लड़कियों को ग्राहकों के पास भेजकर उनसे शारीरिक शोषण कराता था। गिरोह की सरगना बबली ग्राहकों से संपर्क कर सौदा तय करती थी, जबकि विनोद, खलील खान, जसलीन कौर व दुर्गालावती स्कूटी से लड़कियों को होटल तक लाने-ले जाने का कार्य करते थे तथा उनके आसपास मौजूद रहते थे, ताकि वे भाग न सकें।

अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने उक्त अवयस्क लड़की को रिया नामक महिला (जनपद वाराणसी) से खरीदा था और उसे देह व्यापार में लगा दिया था, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा था। पुलिस जांच से बचने के उद्देश्य से जन सेवा केंद्र संचालक विनय नामक व्यक्ति से पीड़िता के आधार कार्ड में जन्मतिथि 2011 के स्थान पर 2007 दर्ज कराकर फर्जी संशोधन कराया गया, ताकि उसे बालिग दिखाया जा सके। प्रकाश में आए अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधिकारियों की टीमें फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे संदिग्ध गिरोहों की सूचना तत्काल विभाग को दें ताकि अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
