गोरखपुर
हार्ट अटैक के मरीजों की जान बचाएगा स्टेमी नेटवर्क
ह्रदय सेतु कार्यक्रम के तहत गोरखपुर-बस्ती मंडल के ट्रेनर्स का हुआ प्रशिक्षण
हब के तौर पर काम करेगा बीआरडी मेडिकल कॉलेज, मरीजों को देगा जीवनदान
गोरखपुर। गोरखपुर और बस्ती मंडल में हार्ट अटैक के मरीजों के जीवन के बचाने की राह अब आसान हो जाएगी। इसके लिए स्टेमी नेटवर्क काम करेगा, जिसके तहत नजदीकी अस्पतालों पर प्राथमिक चिकित्सा देकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बने हब में मरीज को एम्बुलेंस की सहायता से समय से पहुंचाया जाएगा। इन मरीजों का प्राथमिकता के साथ इलाज होगा। इसके लिए ह्रदय सेतु कार्यक्रम के तहत दोनों मंडलों के चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को शनिवार को प्रशिक्षित किया गया। ये प्रशिक्षित ट्रेनर्स अपने एफआरयू के सभी स्टॉफ को प्रशिक्षित करेंगे और संबंधित अस्पताल हार्ट अटैक के मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।
महानिदेशक प्रशिक्षक डॉ रंजना खरे, एडी हेल्थ डॉ जयंत कुमार, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ राम कुमार जायसवाल, सीएमओ डॉ राजेश झा, जेडी ट्रेनिंग डॉ कमलेश यादव और कॉलेज के ह्रदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ अजहर की मौजूदगी में प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। दोनों मंडलों के एफआरयू के चिकित्सा अधिकारी, स्टॉफ नर्स और फार्मासिस्ट प्रशिक्षित किए गए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य हार्ट अटैक के मामलों की शीघ्र पहचान, प्रबंधन और उचित उपचार देना है।
प्रशिक्षण के जरिये बताया गया कि हार्ट अटैक के मामलों में गोल्डेन ऑवर में ही प्राथमिक हस्तक्षेप किया जाना चाहिए। मरीज को यथाशीघ्र अस्पताल पहुंचाना है। वहां पर ईसीजी करने के बाद स्टेमी नेटवर्क व्हाट्सएप ग्रुप में मरीज की रिपोर्ट डाल दी जाएगी। हब से मिले निर्देशों के अनुसार थ्रोम्बोलाइसिस की प्रक्रिया पूरी कर मरीज सरकारी एम्बुलेंस की सहायता से हब पर भेजे जाएंगे। मरीज की पूरी डिटेल व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये हब पर पहले से पहुंच जाएगी। इस तरह प्राथमिकता के साथ इलाज मिलने से मरीज की जान बचाना आसान होगा।
कार्यक्रम के आयोजन में डिप्टी सीएमओ डॉ अश्वनी चौरसिया और डॉ एसके मिश्रा ने विशेष सहयोग दिया। इस दौरान सीपीआर के बारे में भी सभी को प्रशिक्षित किया गया और बताया गया कि लोगों को हार्ट अटैक के मामलों में गोल्डेन ऑवर के बारे में विशेष तौर पर जागरूक करना है।
महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ रंजना खरे ने एएनएमटीसी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही एएनएम के साथ संवाद किया। डॉ खरे ने सीएमओ को निर्देश दिया कि वह सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिनके जरिये गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जा सके।
