गोरखपुर
यूपी पंचायत चुनाव: पुराने प्रधानों के लिए बड़ी मुसीबत!
बिना ‘ऑडिट’ और ‘नो-ड्यूज़’ के नहीं लड़ पाएंगे चुनाव। चुनाव आयोग ने लागू किया सख़्त नियम, 26 मई को खत्म हो रहा है कार्यकाल
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की रणभेरी बजने वाली है, लेकिन इस बार मैदान में उतरना पुराने प्रधानों के लिए आसान नहीं होगा। शासन और निर्वाचन विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन ग्राम प्रधानों ने अपने कार्यकाल के विकास कार्यों का ‘ऑडिट’ नहीं कराया है, वे दोबारा अपनी दावेदारी पेश नहीं कर पाएंगे।
चुनाव लड़ने के लिए अब जिला पंचायत कार्यालय से ‘नो-ड्यूज़ सर्टिफिकेट’ (अदेय प्रमाण पत्र) लेना अनिवार्य होगा। यह प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करेगा कि प्रधान ने गाँव के बजट, सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से रखा है। जिन प्रधानों के पास यह सर्टिफिकेट नहीं होगा, उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।
बता दें कि वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है और 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। प्रशासन का यह कदम भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए उठाया गया है। अगर आप भी प्रधानी की तैयारी कर रहे हैं, तो अपने कागजात अभी से दुरुस्त कर लें!
