गाजीपुर
शिक्षाविद् डॉ. राजबिहारी मिश्र की आठवीं पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि
शिक्षा और साहित्य में योगदान को किया याद, वक्ताओं ने बताया नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत
सिधौना (गाजीपुर)। क्षेत्र के सिधौना में मंगलवार को प्रख्यात शिक्षाविद् एवं साहित्यकार स्व. डॉ. राजबिहारी मिश्र की आठवीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।

कार्यक्रम में करुणाशंकर मिश्र ने कहा कि डॉ. राजबिहारी मिश्र का जीवन शिक्षा, साहित्य और बौद्धिक चेतना के विकास के लिए समर्पित रहा। उन्होंने ज्ञान की महत्ता, विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और समाज में शिक्षा की भूमिका को विशेष महत्व दिया। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के विचारों, संस्कारों और सामाजिक दृष्टिकोण को भी परिष्कृत करती है।

उपेंद्रनाथ मिश्र ने कहा कि डॉ. मिश्र ने अपनी लेखनी के माध्यम से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। उनकी रचनाओं में सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार देखने को मिलता है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचार समाज को ज्ञान, विवेक और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
अमित मिश्र ने कहा कि स्व. डॉ. राजबिहारी मिश्र हिंदी साहित्य के गंभीर अध्येता और विद्वान साहित्यकार थे। उनका व्यक्तित्व स्वाभिमान, वैचारिक दृढ़ता और सामाजिक संवेदनशीलता से परिपूर्ण था। उनका आदर्शवादी जीवन और चिंतन आज भी समाज को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के अंत में अनिमेष मिश्र ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान सरकार मिश्र, अमित मिश्र, अखिलेश मिश्र, बजरंगी मिश्र, पंकज मिश्र, विशाल यादव, विश्वास सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
