भदोही
भदोही में किसानों का धरना, खतौनी से UPSIDA का नाम हटाने की मांग
मुआवजा नहीं लेने वाले किसानों की जमीन पर नाम दर्ज होने का आरोप, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा
भदोही। भदोही तहसील परिसर में सोमवार को किसान सहयोग समिति कछुआबोझ के नेतृत्व में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर एसईजेड (SEZ) के लिए प्रस्तावित भूमि के मामले में मुआवजा नहीं लेने वाले किसानों की खतौनी से उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) का नाम हटाकर उनका नाम बहाल करने की मांग की।
2002 में जारी हुई थी अधिग्रहण की अधिसूचना
किसानों के मुताबिक, वर्ष 2002 में कंधिया, धनापुर, गोंडामीर इमामअली, जोलहापुर और कछुआबोझ गांवों की करीब 208 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद किसानों ने विरोध जताया था। किसानों का कहना है कि 25 जनवरी 2023 को जिला प्रशासन, UPSIDA और किसानों के बीच समझौता हुआ था, जिसमें मुआवजा नहीं लेने वाले किसानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं किए जाने की बात तय हुई थी।
खतौनी में नाम दर्ज होने से परेशानी का आरोप
किसानों ने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद राजस्व अधिकारियों ने मुआवजा नहीं लेने वाले किसानों की खतौनी में भी UPSIDA का नाम दर्ज कर दिया। इससे उन्हें कृषि ऋण लेने, खाद-बीज प्राप्त करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में परेशानी हो रही है।
किसानों ने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 अक्टूबर 2025 को इस मामले में निर्देश दिए थे, इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
समझौता लागू कराने की मांग
धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन से पूर्व में हुए समझौते को लागू कराने और संबंधित खतौनियों में आवश्यक संशोधन कर उनके नाम बहाल करने की मांग की। किसानों का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में सुधार होने से उन्हें कृषि कार्यों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आ रही परेशानियों से राहत मिल सकेगी।
