गोरखपुर
बस्ती में दर्दनाक हादसा: चूनी चोकर लदी ट्रक के नीचे दबकर चौकीदार और दो मासूम बेटियों की मौत!
भंडारे से खाना खाकर घर लौट रहा था परिवार, कोठवा गांव के पास पलटा मौत का ट्रक; खुशियों वाले घर में पसरा मातम?
गौर (बस्ती)। जनपद बस्ती के गौर थाना क्षेत्र में रविवार रात एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
भंडारे से खाना खाकर अपनी दो मासूम बेटियों के साथ घर लौट रहे गौर थाने के चौकीदार राजेश यादव (38) की चीनी लदी ट्रक के नीचे दबने से मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे में उनकी 11 वर्षीय बेटी शिवांगी और महज पांच वर्ष की मानसी ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मिली जानकारी के अनुसार, चौकीदार राजेश यादव अपनी दोनों बेटियों के साथ रात करीब दस बजे भंडारे में भोजन करने के बाद घर लौट रहे थे।
इसी दौरान कोठवा गांव के पास चीनी लदी एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। ट्रक के नीचे दबने से राजेश यादव और उनकी दोनों बेटियां गंभीर रूप से फंस गईं।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। तीन जिंदगियां बचाने के लिए तत्काल मदद की जरूरत थी, लेकिन भारी ट्रक के नीचे दबे लोगों को निकालना चुनौतीपूर्ण था।
घटना की सूचना मिलते ही गौर थानाध्यक्ष अतुल अंजान हमराह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक के नीचे दबे चौकीदार और दोनों बच्चियों को बाहर निकलवाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया।
हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद तीनों को बचाया नहीं जा सका। पिता के साथ दोनों बेटियों की मौत की खबर ने हर किसी को गमगीन कर दिया।
हादसे की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी हर्रैया स्वर्णिमा सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
गौर पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पंचायतनामा भरवाया और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दुख की इस घड़ी में पुलिस ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए तत्काल 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।
साथ ही परिजनों को आगे भी आर्थिक मदद दिलाने की बात कही गई। एक ही हादसे में पिता और दो बेटियों को खोने वाले परिवार के लिए यह समय असहनीय पीड़ा का है।
कोठवा गांव के पास हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क पर तेज रफ्तार और वाहन संचालन में सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है।
हालांकि, ट्रक की गति, दुर्घटना के सटीक कारणों और चालक की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। हादसे में तीन जिंदगियां उजड़ गईं!
एक पिता, दो मासूम बेटियां। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
इस हृदयविदारक घटना ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। दिवंगत राजेश यादव और उनकी दोनों मासूम बेटियों को भावभीनी श्रद्धांजलि। ईश्वर शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
