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वाराणसी

फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी का आरोप, नियुक्ति निरस्त कर कार्रवाई की मांग

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मृतक आश्रित कोटे में नियुक्त अरूणेश्वर कुमार तिवारी पर आउट साइडर से काम कराकर वसूली का भी आरोप

वाराणसी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, बीएलडब्ल्यू (BLW) में कनिष्ठ सहायक पद पर तैनाती को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी को प्रेषित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डाक अनुभाग में कार्यरत अरूणेश्वर कुमार तिवारी ने कथित रूप से कूटरचित एवं फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त की।

शिकायत के अनुसार अरूणेश्वर कुमार तिवारी की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत कनिष्ठ सहायक पद पर हुई, जबकि नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए शैक्षणिक अभिलेख संदिग्ध और फर्जी बताए गए हैं। नियमों के तहत इस पद के लिए निर्धारित समय सीमा में टंकण परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है, लेकिन आरोप है कि उन्होंने न तो परीक्षा दी और न ही उसमें शामिल हुए। इसके बावजूद वे अब तक बिना टंकण परीक्षा पास किए ही पद पर कार्यरत हैं, जो नियमों के विपरीत बताया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि अरूणेश्वर कुमार तिवारी विभागीय कार्यों के लिए स्वयं कंप्यूटर संचालन न कर बाहरी व्यक्ति (आउट साइडर) से काम कराते हैं। आरोप है कि इसी माध्यम से अवैध धन उगाही भी की जा रही है।

शिकायतकर्ता अनिल कुमार दुबे ने प्रबंध निदेशक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित करने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने और आईजीआरएस पोर्टल पर शासनादेश के अनुरूप जांच से संबंधित सभी अभिलेख अपलोड करने की मांग की गई है।

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अनिल कुमार दुबे ने प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी पर भी भ्रष्टाचार एवं नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक भेजी है। शिकायत संख्या 60000260096083 के हवाले से कहा गया है कि अरूणेश्वर कुमार तिवारी, जो श्रीमान जी के कार्यालय में मुख्य आशुलिपिक के पद पर कार्यरत थे, उन्हें बिना लोक सेवा आयोग की परीक्षा तथा बिना किसी सीधी भर्ती प्रक्रिया के कनिष्ठ सहायक पद पर नियुक्त कर दिया गया। आरोप है कि नियुक्ति के तुरंत बाद उन्हें पदोन्नति का लाभ भी प्रदान किया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पूरी नियुक्ति प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध है, जिससे वरिष्ठ एवं पात्र कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मांग की है कि नियुक्ति प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराई जाए तथा नियुक्ति के समय प्रस्तुत सभी प्रमाण पत्रों और अभिलेखों को आईजीआरएस पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाए। साथ ही अवैध नियुक्ति निरस्त कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

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