वाराणसी
यूपी में आवासीय परियोजनाओं को रफ्तार, कई शहरों के लिए करोड़ों का प्रावधान
वाराणसी को 400 करोड़ का आवंटन
वाराणसी। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की 275वीं बैठक परिषद मुख्यालय में प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग पी. गुरुप्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा करते हुए परिषद की संभावित आय 4173 करोड़ 65 लाख रुपये आंकी गई। इसमें 2004 करोड़ 65 लाख रुपये संपत्तियों की बिक्री से तथा 68 करोड़ 20 लाख रुपये डिपाजिट से प्राप्त होने का अनुमान है।
परिषद द्वारा निर्माण, विकास, अनुरक्षण एवं अवस्थापना कार्यों पर 4048 करोड़ 65 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि भूमि अर्जन पर 1927 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। विभिन्न शहरों में आवासीय योजनाओं के लिए बजट आवंटन में अयोध्या को सबसे अधिक 1000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा वाराणसी के लिए 400 करोड़ रुपये, मथुरा के लिए 100 करोड़ रुपये तथा प्रतापगढ़ और मऊ में गृहस्थान योजनाओं के लिए 100-100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत मऊ के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नए जिलों की योजनाओं पर सहमति नहीं
परिषद ने पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बस्ती, प्रयागराज, सहारनपुर और संत कबीर नगर समेत कई जिलों में नई आवासीय योजनाएं शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि बोर्ड ने प्रयागराज की योजना का क्षेत्रफल अधिक होने का हवाला देते हुए आय के अनुरूप पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। ऐसे में इन जिलों में नई योजनाओं के लिए फिलहाल इंतजार करना होगा।
परिषद के सचिव डॉ. नीरज शुक्ल ने बताया कि जीटी रोड बाईपास भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना को हाईवे से जोड़ने के लिए पांच हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। निदेशक मंडल ने इस संबंध में आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिससे आवासीय योजनाओं की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
