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पॉवर ऑफ अटॉर्नी के लिए अब लगेगा रजिस्ट्री जैसा स्टांप चार्ज, 50 रुपये में नहीं होगा काम

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रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया फैसला

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लखनऊ उत्तर प्रदेश में अब अचल संपत्ति की पॉवर ऑफ अटॉर्नी को ब्लड रिलेशन के बाहर देने पर नियम बन गया है. पहले पॉवर ऑफ अटॉर्नी देने में महज 50 रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब उसे रजिस्ट्री की तरह स्टांप ड्यूटी देना होगा. यानी जैसे प्रॉपर्टी होगी, वैसी ही रजिस्ट्री फीस लगेगी. ब्लड रिलेशन नहीं है तो पॉवर ऑफ अटॉर्नी देने पर पूरी स्टांप ड्यूटी देनी होगी.
उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसमें ब्लड रिलेशन से बाहर अगर अचल संपत्ति को लेकर पॉवर ऑफ अटॉर्नी देना है तो उस पर अब स्टांप ड्यूटी लगेगा. सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया गया कि अब से पॉवर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग सेल डीड के रूप में नहीं किया जा सकेगा.
कैबिनेट बैठक में स्टांप अधिनियम प्रावधान में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जिसके चलते अब रक्त संबंधियों (ब्लड रिलेशन) के अतिरिक्त अगर कोई व्यक्ति अन्य व्यक्ति को अचल संपत्ति की पॉवर ऑफ अटॉर्नी देता है तो उसे पूरा स्टांप शुल्क देना होगा.
अभी तक अनमूवेबल प्रॉपर्टी की पॉवर ऑफ अटॉर्नी किसी को भी देकर उसका रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 50 रूपए का स्टांप शुल्क लगता था, लेकिन अब यह नहीं चलेगा… क्योंकि इसे रोकने के लिए सरकार ने कदम उठा लिया है और स्टांप अधिनियम संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. 
अब ऐसे में मुख्तारनामों (पॉवर ऑफ अटॉर्नी) में बैनामों (जमीन की रजिस्ट्री) की तरह ही संपत्ति के बाजार मूल्य के हिसाब से स्टांप शुल्क लगेगा, जिससे सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी. बता दें कि योगी सरकार ने कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई है, जिसमें अचल संपत्ति स्टांप शुल्क प्रस्ताव भी शामिल रहा।

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