गाजीपुर
तटबंध में दरार का डर, पलक झपकते डूब सकते हैं 35 मल्लाह परिवार
गोमती का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता
खानपुर (गाजीपुर)। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रहे कटान ने सैदपुर ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे भुजाड़ी गांव की मल्लाह बस्ती के करीब 35 परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का पानी तेजी से गांव के किनारे पहुंच रहा है, जबकि तटबंध भी कमजोर बताया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को अपने घर और जमीन के नदी में समा जाने का डर सता रहा है।
घुमावदार बहाव से बढ़ जाता है कटान का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार भुजाड़ी के पास गोमती नदी का बहाव घुमावदार है, जिसके कारण यहां कटान का खतरा अधिक रहता है। बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ते ही नदी किनारे की जमीन तेजी से काटने लगती है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष कई फीट भूमि नदी में समा जाती है और दर्जनों मकान खतरे की जद में आ जाते हैं।
बाढ़ आते ही बच्चों और बुजुर्गों को भेजना पड़ता है सुरक्षित स्थान
जगदीश प्रसाद नाविक, रमेश नाविक, भरोस नाविक, मन्नू, रामनरेश नाविक, विजय नाविक, प्रेमनाथ, छन्नू नाविक और यशवंत समेत ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के दिनों में बच्चों और बुजुर्गों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ता है। घर में रखा जरूरी सामान भी ऊंचे स्थान पर पहुंचाना पड़ता है। कटान के लगातार भय के कारण लोग पक्के मकान बनाने से भी बच रहे हैं।

ग्रामीणों के इंतजाम तेज बहाव के आगे पड़ जाते हैं कमजोर
कटान रोकने के लिए ग्रामीण अपने स्तर से मिट्टी, ईंट, पत्थर, बांस और पौधों का सहारा लेते हैं, लेकिन नदी के तेज बहाव के सामने ये इंतजाम ज्यादा समय तक टिक नहीं पाते। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मजबूत तटबंध और कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो जलस्तर बढ़ने पर कई परिवारों के घर पलक झपकते ही डूब सकते हैं या नदी में समा सकते हैं।
स्थायी तटबंध और कटानरोधी कार्य की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से भुजाड़ी समेत गोमती किनारे बसे गांवों का तत्काल सर्वे कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मजबूत और स्थायी तटबंध के साथ पुख्ता कटानरोधी कार्य कराया जाए, ताकि करीब 35 मल्लाह परिवारों को हर साल बाढ़ और कटान के भय से राहत मिल सके।
