वाराणसी
काशी में स्थापित होगी प्रदेश की सबसे बड़ी गणेश प्रतिमा, मुंबई से पहुंचीं मूर्तियां
वाराणसी। विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का दरबार इस बार काशी में भव्य रूप से सजने वाला है। गणेशोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मुंबई से 14 गणेश प्रतिमाएं रविवार को काशी पहुंचीं, जिन्हें पूर्वांचल और बिहार के विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित किया जाएगा। इनमें से तीन मूर्तियां वाराणसी शहर में विराजेंगी।
खोजवां स्थित मूर्ति कारखाने में मूर्तिकार अभिजीत विश्वास 16 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा तैयार कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी गणेश प्रतिमा होगी। इस प्रतिमा में गणेश जी को बंशी बजाते दिखाया गया है, वहीं ऋद्धि उनका हाथ दबाए और सिद्धि आरती उतारती हुई नजर आएंगी। यह प्रतिमा गणपति स्पोर्टिंग क्लब की ओर से खोजवां पुस्तकालय परिसर में स्थापित की जाएगी।

श्रीकाशी मराठा गणेशोत्सव समिति के संरक्षक सुहास पाटिल ने बताया कि इस बार भी सबसे अधिक मांग लालबाग के राजा की प्रतिमाओं की रही है। ये सभी प्रतिमाएं इको-फ्रेंडली हैं और चार से छह फीट ऊंची हैं। इन्हें ठठेरी बाजार की शेरवाली कोठी, आईआईटी बीएचयू और अखरी बाईपास स्थित अस्पताल में स्थापित किया जाएगा। काशी के अलावा ये मूर्तियां गोपीगंज, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और मोतीहारी जैसे शहरों में भी विराजेंगी।
पूर्वांचल में गणेशोत्सव बीते दो शताब्दियों से मनाया जा रहा है। पिछले 20 वर्षों से यहां लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति स्थापित करने की परंपरा भी जुड़ गई है। इस बार जिलेभर में 40 से अधिक पूजा पंडाल सजेंगे। 27 अगस्त से मराठी समाज द्वारा आठ दिनों तक धूमधाम से गणेशोत्सव मनाया जाएगा।
