गोरखपुर
एसडीएम न्यायालय से गायब हुई फ़ाइल, ताला लगाकर धरने पर बैठे वरिष्ठ अधिवक्ता
गोरखपुर। उप जिलाधिकारी खजनी राजेश प्रताप सिंह के न्यायालय से मुकदमे से संबंधित जरूरी पत्रावली गायब हो जाने पर आज खजनी तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष महेश प्रसाद दुबे का ग़ुस्सा फूट पड़ा, उन्होंने एसडीएम न्यायालय से बाहर निकल कर उसका दरवाजा बाहर से बंद करके उस पर ताला लगा दिया तथा कोर्ट रूम के बाहर कुर्सी लगाकर बैठ गए। तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता दुबे के विरोध प्रदर्शन का तहसील के अन्य अधिवक्ताओं ने भी साथ दिया।
मीडिया से बातचीत करते हुए दुबे ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 में राजस्व अधिनियम की धारा 24 के तहत एक वादी दिनेश मणि बनाम ग्राम सभा का मुकदमा दाखिल किया था, जिसमें से जरूरी दस्तावेज न्यायालय से गायब हो गए। 12 मई को उन्होंने नक्शा, खतौनी आदि सभी आवश्यक दस्तावेजों की फाइल बना कर एसडीएम न्यायालय में एक बार पुनः दाखिल कर दिया था किन्तु आज तारीख पर जब फाइल की तलाश शुरू हुई तो वह एसडीएम कोर्ट में नहीं मिली। फाइल गायब होने पर एसडीएम न्यायालय के पेशकार और दुबे के बीच तीखी बहस और नोंक-झोंक हुई, अधिवक्ता दुबे ने कोर्ट रूम से बाहर निकल कर दरवाजा बंद करके उस पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए।
अधिवक्ता दुबे ने बताया कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ उनके मुकदमे की फाइल गायब हुई है,ऐसी ही समस्या से तहसील के दर्जनों अधिवक्ता परेशान हैं। उन्होंने आक्रोश जताते हुए बताया कि तहसील में उप जिलाधिकारी न्यायालय से फाइल गायब होना बेहद गंभीर मामला है, किन्तु तहसील प्रशासन और एसडीएम द्वारा इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है। कोर्ट से फाइलें गायब हो जाना एसडीएम कोर्ट के कर्मचारियों की घोर लापरवाही और उनकी संदिग्ध गतिविधियों का प्रमाण है, लेकिन अब इस व्यवस्था के खिलाफ तहसील के सभी अधिवक्ता मील कर आवाज़ उठाएंगे।
