बलिया
महर्षि भृगु आश्रम के कायाकल्प को 8.74 करोड़ मंजूर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास की तैयारी
लाइट एंड साउंड शो, भव्य प्रवेश द्वार और आधुनिक सुविधाओं से सजेगा परिसर, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बलिया (जयदेश)। जनपद की पौराणिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए महर्षि भृगु आश्रम के विकास की योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत आश्रम परिसर के कायाकल्प के लिए 8.74 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, परियोजना के तहत विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। इसका उद्देश्य आश्रम को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मान्यता है कि महर्षि भृगु ने इसी तपोभूमि पर तपस्या की थी और भृगु संहिता की रचना से इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्व जुड़ा है। प्रस्तावित विकास से आश्रम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही बलिया में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
परियोजना के तहत आश्रम में भव्य स्वागत द्वार, दो मंजिला मल्टीपर्पज हॉल, यात्री शेड और आधुनिक साइनेज का निर्माण कराया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को परिसर में आवागमन और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
लाइट एंड साउंड शो से जानेंगे इतिहास
महर्षि भृगु के जीवन, उनके योगदान और आश्रम के पौराणिक महत्व से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही परिसर की दीवारों पर वाल आर्ट और म्यूरल आर्ट के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
12 पर्यटन सर्किटों से जोड़ने की तैयारी
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के अनुसार, आश्रम को प्रदेश के 12 प्रमुख पर्यटन सर्किटों के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इससे इसे व्यापक पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में बलिया में 10.31 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। आश्रम के विकास से जिले की पर्यटन संभावनाओं को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
