वाराणसी
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की अचूक सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिस कर्मियों द्वारा सहयोगात्मक व्यवहार किये जाने के सम्बन्ध में त्रयम्बकेश्वर सभागार में गोष्ठी
वाराणसी: पुलिस आयुक्त वाराणसी मुथा अशोक जैन की अध्यक्षता में पुलिस उपायुक्त सुरक्षा सूर्यकान्त त्रिपाठी द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की अचूक सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिस कर्मियों द्वारा सहयोगात्मक व्यवहार किये जाने के सम्बन्ध में त्रयम्बकेश्वर सभागार में गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें मुख्यरुप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की गयी-
- श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर हिन्दू धर्म में एक अतिमहत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, इसकी अति लोकप्रियता के कारण प्रदेश के विभिन्न स्थानों से ही नहीं अपितु देश-विदेश से भी श्रद्धालूओं का आवागमन होता है। श्रद्धालुओं की संख्या में अत्यधिक वृद्धि के कारण सुगमतापूर्वक दर्शन-पूजन कराने तथा परिसर से बाहर निकालना पुलिस कर्मियों एक बड़ी चुनौती है। विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले दर्शनार्थियों द्वारा अलग-अलग भाषा का प्रयोग किया जाता है तथा प्रवेश द्वारों पर दर्शनार्थियों की चेकिंग फ्रिस्किंग करने व पंक्तिबद्ध तरीके
से सुगमता पूर्वक दर्शन-पूजन के दौरान पुलिस की भूमिका सुरक्षा के साथ-साथ एक सहयोगी के रूप में रहती
है, जिस हेतु दर्शनार्थियों के साथ मृदु एवं सहयोगात्मक व्यवहार किया जाना अपेक्षित है। 2. किसी आकस्मिकता के दृष्टिगत नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाय। 3. अन्य राजकीय विभागों के साथ बेहतर समन्वय एवं सामंजस्य स्थापित किया जाय।
- यदि कोई व्यक्ति किसी मुसीबत मे आपसे सहायता मांगता है तो यथा संभव स्वयं उसकी सहायता करें
अथवा उच्चाधिकारियों को सूचित करें।
- चेकिंग प्रिस्किंग ड्यूटी प्वाइंटो पर शालीनतापूर्वक चेकिंग फ्रिस्किंग करें तथा संदेहास्पद वस्तुओं/व्यक्तियों
के प्रवेश को प्रतिबन्धित करें। 6. कर्मचारी मनोयोग से ड्यूटी करें।
- मंदिर परिसर की स्वच्छता एवं साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाय।।
इस अवसर पर अपर पुलिस उपायुक्त सुरक्षा वरिन्द्र कुमार, सीआरपीएफ के सहायक कमाण्डेन्ट विनोद कुमार सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी निखिलेश कुमार मिश्रा, कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रकाश यादव एवं सुरक्षा से सम्बन्धित विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारीगण भी सभागार में उपस्थित रहे। सभी के द्वारा विगत में सुरक्षा कर्मियों द्वारा किये गये अच्छे कार्यो की सराहना भी की गयी।
