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वाराणसी

जल संरक्षण के क्षेत्र में उप जिलाधिकारी द्वारा किया जा रहा है विशेष प्रयास

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     रिपोर्ट - मनोकामना सिंह
वाराणसी| जल जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है ।जल की महत्ता उस नारी से पूछिए जो कि रेगिस्तान में बावड़ी से जो कि 2 से 3 किलोमीटर दूर होती है भरकर शुद्ध पानी लाती है या उस पहाड़ी महिला से पूछिए जोकि कई 100 फुट ऊंचे पहाड़ से दुर्गम रास्तों से पीने का पानी लेकर आती है।एनजीटी के द्वारा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों होटलों एवं अन्य संस्थानों द्वारा किए जा रहे जल निष्कर्षण पर अपर उप जिलाधिकारी एवं जल वैज्ञानिक पर्यावरण प्रेमी डॉ ज्ञान प्रकाश के द्वारा विशेष रुप से कार्य किया जा रहा है। जनपद में विभिन्न प्रकार की कार्य योजनाओं को बनाकर उनके द्वारा जल संरक्षण हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लॉकों के माध्यम से पर्यावरण चेतना एवं जल संरक्षण रेन वाटर हार्वेस्टिंग आदि मुद्दों पर विशेष रूप से जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ।इसी कड़ी में जनपद वाराणसी के विभिन्न ब्लॉकों गांव एवं प्रतिष्ठानों को क्रमवार लेकर उसमें विभिन्न प्रकार की कार्यशाला एवं संगोष्ठी ओं का आयोजन किया जा रहा है ।शीघ्र ही पिंडरा, ब्लॉक , काशी विद्यापीठ ब्लॉक एवं हरहुआ ब्लाक में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है ।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों में गिरते हुए भूगर्भ जलस्तर को ऊंचा करना, घरों पर एवं प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाना ,पीने योग्य पानी की बचत करना तथा तालाबों का संरक्षण  करना है।           

 प्रदेश में सरकार के द्वारा जिला स्तर पर आजादी के अमृत महोत्सव पर प्रत्येक जिले में 75 तालाबों का चयन किया गया है इन तालाबों के सौंदर्यीकरण अतिक्रमण मुक्ति करण एवं जनसाधारण को जल संरक्षण हेतु प्रोत्साहित एवं जागरूक किया जाएगा। प्रेस के माध्यम से लोगों को यह बताने का प्रयास किया  गया है कि  ब्रश करते समय अथवा दाढ़ी बनाते समय पानी के टेप को अनवरत रूप से ना बहने दे, गर्मी के मौसम में गाड़ियों की ड्राई वाशिंग करें, शावर में ज्यादा देर स्नान ना करें और पानी बचाने का हर संभव प्रयास करें क्योंकि जल है तो जीवन है। साथ ही आदत डालें अपने घर के बाहर एक बर्तन में पानी रखें जिससे कि पशु पक्षी उसमें से पानी प्राप्त कर सके और अपनी प्यास को बुझा सके। इस अवसर पर उन्होंने दानाजलाश्रय का भी प्रतिरूप दिखाया जिसमें की कनस्तर के माध्यम से उसमें पानी रखा और साइड से पक्षियों के लिए दाना भी रखा है जिसको की किसी पेड़ की टहनी पर या सुविधाजनक स्थान पर अथवा बालकनी में टांगा जा सकता है और उनके जीवन को बचाया जा सकता है।

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