गोरखपुर
तारामंडल का जीर्णोद्धार अंतिम चरण में, दिवाली तक लोकार्पण की तैयारी
62 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहीं आधुनिक सुविधाएं, जीडीए उपाध्यक्ष ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण
गोरखपुर। शहर के तारामंडल का जीर्णोद्धार कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 62 करोड़ रुपये की लागत से तारामंडल परिसर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। शुक्रवार को जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य 31 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
प्राधिकरण की योजना दिवाली तक तारामंडल का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराने की है। जीर्णोद्धार का काम पूरा होने के बाद यह परिसर विज्ञान, शिक्षा और मनोरंजन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा। यहां बच्चों, विद्यार्थियों, परिवारों और पर्यटकों को विज्ञान की दुनिया को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा।
तारामंडल में 4के डिजिटल प्रोजेक्शन और 4-डी शो की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके माध्यम से दर्शक ग्रहों, तारों और विभिन्न खगोलीय घटनाओं को आधुनिक तकनीक के जरिए समझ सकेंगे। वहीं, एस्ट्रोनॉमी गैलरी में खगोल विज्ञान से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी, जबकि प्राचीन गैलरी में वैज्ञानिक समझ और विरासत से संबंधित विषयों को प्रस्तुत किया जाएगा।
परिसर में फन साइंस और साइंस पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं। यहां विभिन्न गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को सरल तरीके से समझने का मौका मिलेगा। इनोवेशन लैब में विद्यार्थी प्रयोग कर सकेंगे और अपने नए विचारों को आकार दे सकेंगे। इसके अलावा डायनासोरियम में प्राचीन जीव-जगत से जुड़ी जानकारी मिलेगी। ओपन एयर थिएटर में खुले वातावरण में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे, जबकि बच्चों के मनोरंजन के लिए नए झूले भी लगाए जा रहे हैं।
तारामंडल परिसर में आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैफेटेरिया, स्मृति चिह्न की दुकान, टिकट घर और पार्किंग की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। इन सुविधाओं के शुरू होने से यहां आने वाले लोगों को सहूलियत मिलेगी। जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद गोरखपुर का तारामंडल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने की उम्मीद है।
