भदोही
शहीद झूरी सिंह की जयंती पर जिलाधिकारी ने किया माल्यार्पण, बच्चों को किया सम्मानित
भदोही। वर्ष 1857 की स्वतंत्रता क्रांति के महानायक अमर शहीद झूरी सिंह की जयंती पर बुधवार को भदोही के परऊपुर गांव स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने शहीद स्मारक पहुंचकर अमर शहीद झूरी सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित बच्चों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर अमर शहीद झूरी सिंह के परिजन डॉ. रामेश्वर सिंह ने जिलाधिकारी को अंगवस्त्र एवं अमर शहीद झूरी सिंह की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।
अमर शहीद झूरी सिंह का जन्म 21 अक्टूबर 1816 को भदोही जनपद के परऊपुर गांव में हुआ था। वे वर्ष 1857 की स्वतंत्रता क्रांति के उन वीर सेनानियों में शामिल थे, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका संघर्ष, अदम्य साहस और बलिदान आज भी लोगों को राष्ट्रसेवा तथा देशप्रेम की प्रेरणा देता है।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। झूरी सिंह जैसे वीर सपूतों के त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके जीवन से देश के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और अन्याय के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े होने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों एवं क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना हम सभी का दायित्व है। इस तरह के आयोजन बच्चों और युवाओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना तथा देश के गौरवशाली इतिहास के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।
समारोह में उपस्थित लोगों ने अमर शहीद झूरी सिंह के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालयों के बच्चे, शहीद के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
