गाजीपुर
गंगा में नहाते समय तीन बच्चे डूबे, दो को बचाया; 10 वर्षीय बालिका लापता
भांवरकोल के पलिया घाट पर हादसा, साहसी युवकों ने बचाई दो बच्चों की जान; गोताखोरों की टीम तलाश में जुटी
खानपुर (गाजीपुर), जयदेश। गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र के पलिया गंगा घाट पर रविवार सुबह स्नान करते समय तीन बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद साहसी युवकों की तत्परता से दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 10 वर्षीय शिवांजली लापता है। उसकी तलाश के लिए गोताखोरों की टीम नदी में खोजबीन कर रही है। घटना के बाद घाट पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब आठ बजे तीन बच्चे पलिया गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। इनमें सुनील गोंड की 10 वर्षीय पुत्री शिवांजली, सीताराम की 13 वर्षीय पुत्री स्नेहा कुमारी और रामनिवास के 12 वर्षीय पुत्र विनीत चौधरी शामिल थे। नहाते समय तीनों अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
युवकों की सूझबूझ से बची दो जान
बच्चों को डूबता देखकर घाट पर मौजूद 15 वर्षीय विनीत निषाद उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा, लेकिन वह खुद भी बहने लगा। इसी दौरान श्रीनिवास चौधरी ने नदी में छलांग लगाकर विनीत निषाद को बचाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लंबा बांस पकड़ाकर स्नेहा कुमारी और विनीत चौधरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, शिवांजली का पता नहीं चल सका।
गोताखोरों की टीम कर रही तलाश
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार मदेंदर बहादुर, लेखपाल अर्पणा राय और थाना अध्यक्ष राजीव कुमार पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने लापता बालिका की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद गाजीपुर से गोताखोरों की विशेष टीम बुलाई गई। टीम नदी में उतरकर शिवांजली की तलाश में जुट गई।
परिवार में मचा कोहराम
हादसे के बाद घाट पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लापता बालिका की मां सुशीला देवी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रहकर खोजबीन की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है। पूरे गांव में घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है।
