गोरखपुर
शिक्षक एमएलसी चुनाव में आचार संहिता की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
प्रचार सामग्री पर प्रिंटर का नाम-पता और छपाई की संख्या लिखना अनिवार्य, मतपत्र पर अधिमानता दर्ज करने के लिए आयोग का पेन ही मान्य
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह ने आयुक्त सभागार में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
प्रचार सामग्री पर देनी होगी पूरी जानकारी
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्याशियों की ओर से प्रकाशित कराए जाने वाले प्रचार पंपलेट और पोस्टर पर प्रिंटर का नाम, पता तथा मुद्रित प्रतियों की संख्या स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। संबंधित प्रिंटिंग प्रेस को भी निर्धारित नियमों के अनुसार मुद्रण संबंधी जानकारी सहायक रिटर्निंग ऑफिसर अथवा जिलाधिकारी को उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए तय समयसीमा का पालन करना अनिवार्य है।
मतपत्र पर अधिमानता दर्ज करने के नियम बताए
बैठक में प्रत्याशियों को मतपत्र पर प्राथमिकता दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। मंडलायुक्त ने बताया कि मतदाता को निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए पेन से ही अपनी अधिमानता अंकित करनी होगी। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय अंकों में 1, 2, 3 आदि या रोमन अंकों में प्राथमिकता दर्ज की जा सकती है। निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर मतपत्र अमान्य होने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं को मतदाताओं तक सही जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
समय से नियुक्त करें मतदान और मतगणना अभिकर्ता
मंडलायुक्त ने प्रत्याशियों से मतदान अभिकर्ता और मतगणना अभिकर्ता नियुक्त करने के लिए निर्धारित प्रारूप पर आवश्यक सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अभिकर्ताओं की नियुक्ति से जुड़ी औपचारिकताएं समय से पूरी करना जरूरी है।
प्रचार से पहले लेनी होगी अनुमति
प्रचार अभियान को लेकर मंडलायुक्त ने कहा कि आवश्यक अनुमतियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएंगी। प्रत्याशियों को किसी भी प्रचार गतिविधि से पहले जरूरी अनुमति प्राप्त करनी होगी और आदर्श आचार संहिता का पालन करना होगा। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि से बचने की हिदायत दी गई।
बैठक में मतदेय स्थलों, मतदाताओं से संबंधित जानकारियों, निर्वाचन प्रेक्षक के ठहरने की व्यवस्था और चुनाव से जुड़े अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन और सभी पक्षों का सहयोग चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक है। बैठक में शिक्षक निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्याशी और उनके निर्वाचन अभिकर्ता उपस्थित रहे।
