गाजीपुर
कार्यस्थलों पर लैंगिक उत्पीड़न रोकने को सख्त निर्देश
10 या अधिक कर्मचारियों वाले कार्यालयों में बनेगी आंतरिक परिवाद समिति, लगाए जाएंगे पिंक बॉक्स
गाजीपुर। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों, संस्थानों और निकायों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 के तहत आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं।
10 या अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में समिति अनिवार्य
निर्देश के अनुसार, जिन कार्यस्थलों पर 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां लिखित आदेश के माध्यम से आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाएगा। यदि किसी कार्यालय या प्रशासनिक इकाई के अलग-अलग स्थानों पर कार्यालय संचालित हैं, तो वहां भी संबंधित इकाइयों में समिति गठित की जाएगी।
समिति सदस्यों का विवरण किया जाएगा प्रदर्शित
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आंतरिक परिवाद समिति के सदस्यों का नाम और विवरण कार्यालय के सहज दृश्य स्थान पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि महिला कर्मियों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी आसानी से मिल सके।
शिकायतों के लिए लगेगा पिंक बॉक्स
कार्यस्थलों पर लैंगिक उत्पीड़न संबंधी शिकायतें प्राप्त करने के लिए पिंक बॉक्स लगाए जाएंगे। बॉक्स खोलने से पहले समिति के समक्ष वीडियोग्राफी कराई जाएगी। प्राप्त शिकायतों की नियमानुसार जांच कर उनका विधिवत निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
हर महीने होगी समिति की बैठक
आंतरिक परिवाद समिति की बैठक प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच आयोजित की जाएगी। बैठक की कार्यवाही 6 तारीख तक जिला प्रोबेशन अधिकारी को भेजनी होगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी सभी प्राप्त आख्या का संकलन कर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
गंभीर मामलों की जांच स्थानीय परिवाद समिति करेगी
गंभीर प्रकृति की शिकायतों को जिला प्रोबेशन अधिकारी जनपद स्तर पर गठित स्थानीय परिवाद समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। यह समिति भी प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच बैठक कर प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
10 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए भी व्यवस्था
जिन संस्थानों या कार्यालयों में 10 से कम कर्मचारी होने के कारण आंतरिक परिवाद समिति गठित नहीं की जा सकती, वहां प्राप्त शिकायतों का निस्तारण जिला स्तर की स्थानीय परिवाद समिति करेगी। इसी प्रकार यदि शिकायत स्वयं नियोजक के विरुद्ध होगी, तो मामले की सुनवाई भी स्थानीय परिवाद समिति द्वारा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के आदेश दिए हैं।
