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शिक्षा

BHU : महामना के विचारों को मिलेगा नया विस्तार, 23 खंड वाङ्मय लोकार्पण पर सहमति

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वाराणसी। महामना मालवीय मिशन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) इकाई के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति को एक विस्तृत पत्र सौंपते हुए महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने तथा मिशन की गतिविधियों को सशक्त बनाने हेतु विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सहयोग करने  का अनुरोध किया ।

महामना मालवीय मिशन, जिसकी स्थापना 9 अप्रैल 1978 को बीएचयू के पूर्व छात्रों द्वारा की गई थी,तब से  देशभर में मूल्य-आधारित शिक्षा, सांस्कृतिक जागरण, राष्ट्रीय एकता एवं चरित्र निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। नई दिल्ली स्थित मालवीय स्मृति भवन इसके केंद्रीय केंद्र के रूप में कार्य करता है, जहाँ शोध, अध्ययन एवं प्रकाशन की समृद्ध परंपरा विकसित की गई है। मिशन द्वारा “महामना वांग्मय” के 23 खंड प्रकाशित किए जा चुके हैं, और इसकी 30 शाखाएँ देशभर में कार्यरत हैं, जिनमें बीएचयू इकाई  प्रमुख है।

कुलपति को प्रेषित पत्र में उठाए गए प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं:

1. मूल्य-आधारित एवं चरित्र निर्माण शिक्षा का समावेशन
मिशन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों में मूल्य-आधारित विषयों को शामिल करने का आग्रह किया है। इसमें मालवीय जी का जीवन एवं दर्शन, भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म, नैतिकता, आध्यात्मिकता, गुरुकुल परंपरा, वेद-उपनिषदों एवं गीता के मानवीय मूल्य जैसे विषयों को क्रेडिट-आधारित पाठ्यक्रम के रूप में सम्मिलित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

2. मालवीय अध्ययन एवं शोध को प्रोत्साहन
मिशन ने विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में “मालवीय गैलरी” को सुदृढ़ करने, नवीन शोध सामग्री एवं पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रख्यात वक्ताओं द्वारा नियमित व्याख्यान आयोजित करने का सुझाव दिया है, ताकि छात्रों एवं शोधार्थियों में महामना के विचारों की गहन समझ विकसित हो सके।

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3 . डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से विचारों का प्रसार
विश्वविद्यालय परिसर में महिला महाविद्यालय एवं विश्वनाथ मंदिर चौराहे के निकट 10×10 फीट के डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिनमें महामना के प्रेरक विचारों एवं चित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। मिशन ने इस पहल में सहयोग देने की भी इच्छा व्यक्त की है।

4. परिसर में कार्यालय एवं गतिविधियों हेतु स्थान आवंटन
मिशन ने बीएचयू (BHU) परिसर, विशेष रूप से मालवीय भवन में एक समर्पित कार्यालय स्थान आवंटित करने तथा बैठकों, संगोष्ठियों एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है, जिससे मिशन की गतिविधियों को संस्थागत मजबूती मिल सके।

5. सेवाश्रम निर्माण हेतु भूमि आवंटन में तेजी
मिशन ने वर्ष 2015 में प्रस्तुत प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए पुनः आग्रह किया है कि आईएमएस-बीएचयू  (IMS BHU) आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए सेवाश्रम निर्माण हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण किया जाए। इस प्रस्ताव को विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। मिशन ने निर्माण एवं उससे संबंधित समस्त व्यय स्वयं वहन करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। संभावित स्थानों में ट्रॉमा सेंटर परिसर या सुंदरपुर क्षेत्र की भूमि का सुझाव दिया गया है।

मिशन के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि कुलपति इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए महामना के आदर्शों को साकार करने में सहयोग प्रदान करेंगे। इन पहलों से न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

महामना के 23 खंडों के वाङ्मय का लोकार्पण काशी हिंदू विश्वविद्यालय में करने की सहमति कुलपति ने दी। बैठक में प्रमुख रूप से महामना मालवीय मिशन के अध्यक्ष प्रो. रमा शंकर दूबे ,कार्यकारी अध्यक्ष विजय नाथ पाण्डेय, महामंत्री प्रो. शैलेन्द्र कुमार गुप्ता, संगठन मंत्री प्रमील पाण्डेय, सचिव डॉ. अनिल कुमार सिंह , प्रोफेसर जेपी लाल,प्रोफेसर ओम प्रकाश सिंह शामिल रहे।

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