वाराणसी
जयदेश कार्यालय में रामनारायण दादा की जयंती पर गोष्ठी आयोजित
वाराणसी (जयदेश)। पत्रकारिता की निर्भीक परंपरा के अग्रदूत, जयदेश हिंदी दैनिक के संस्थापक स्वर्गीय रामनारायण दादा की 104वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को जयदेश परिवार ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। जयदेश कार्यालय में आयोजित गरिमामय समारोह में उनके आदर्शों को नमन करते उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया तत्पश्चात सभी ने गहन भावनाओं से दादा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

दादा का निर्भीक पत्रकारिता का सपना
समय की कसौटी पर खरे उतरते हुए, वर्ष 1976 में रामनारायण दादा ने जयदेश का प्रकाशन आरंभ किया था। एक ऐसा समाचार पत्र जो जनभावनाओं का सच्चा प्रतिनिधि बने, जो न भय से दबे और न लोभ से झुके। उनके लिए पत्रकारिता एक साधना थी, केवल पेशा नहीं। आज जब जयदेश समाचार पत्र और जयदेश न्यूज़ डिजिटल मंच पर नए जोश के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तो यह दादा के उसी स्वप्न का नवजीवन है। उनके सिद्धांत, निष्ठा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक शब्द और समाचार के माध्यम से जीवित हैं। जयदेश परिवार दादा के आदर्शों को दीपशिखा की तरह थामे, सत्य और सेवा की राह पर अडिग होकर अग्रसर है।


उस दौर में जब निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता कठिन तपस्या के समान थी, दादा ने पत्रकारिता को जनसेवा का मजबूत माध्यम बनाया। उनके निधन के उपरांत कुछ समय के लिए यह प्रेरणा मंद अवश्य हुई, परंतु आज उनके पौत्र- आशुतोष जायसवाल, सुमित जायसवाल, प्रमथ कुमार जायसवाल, संदीप कुमार जायसवाल और पौत्री शशिबाला जायसवाल ने इस दीप को फिर से प्रज्वलित किया है। अब न केवल समाचार पत्र का पुनर्प्रकाशन हो रहा है, बल्कि डिजिटल युग में भी ‘जयदेश न्यूज़’ के रूप में उनकी विरासत को नई उड़ान मिल रही है।
104वीं जयंती के अवसर पर परिवार के आशुतोष जायसवाल, सुमित जायसवाल, प्रमथ कुमार जायसवाल, संदीप कुमार जायसवाल और शशिबाला जायसवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। संपादक रामाश्रय सिंह, चंदौली के ब्यूरो चीफ एवं उत्तर प्रदेश एवं बिहार के स्टेट हेड एवं जयहिंद राष्ट्रीय पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह शक्ति, अजय सिंह, साक्षी अग्रवाल, खुशरंग हिना, हुस्ना, नैना श्रीवास्तव, शिव बहादुर श्रीवास्तव, केके श्रीवास्तव, नीरज शर्मा, शुभम सिंह स्वास्तिक, राजकुमार यादव, प्रदीप कुमार और नगर के कई अन्य वरिष्ठ नागरिकों ने भी दादा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
