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गाजीपुर

होम्योपैथी के जन्मदाता डॉ सैमुअल हैनिमैन के जन्मोत्सव में हुआ सभी चिकित्साविधाओं का समागम

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गाजीपुर (जयदेश)। महाराणा प्रताप भवन तुलसीपुर गाज़ीपुर में दी होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया उत्तर प्रदेश की गाजीपुर सेवाश्रम यूनिट एवं गाज़ीपुर मेन यूनिट के द्वारा आयोजित होम्योपैथी के क्षेत्र में पूर्वांचल का ही सबसे भव्य समारोह डॉ सैमुअल हैनिमैन के जन्मोत्सव पर आयोजित हुआ। जिसमें पूर्वांचल के लगभग सभी जनपद वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, चंदौली, गाज़ीपुर इत्यादि से लगभग 75 से ज्यादा चिकित्सकों का आगमन हुआ।

गाजीपुर जनपद के सभी चिकित्साविधाओं के लगभग दो दर्जन चिकित्सक भी इस समारोह में शामिल हुए एवं एक बहुत बड़ा मेडिकल कैंप सभी चिकित्सा विधाओं का आयोजित हुआ। दी होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया उत्तर प्रदेश शाखा की गाजीपुर सेवाश्रम यूनिट एवं गाजीपुर मेन यूनिट के अनेक चिकित्सकों ने इस कैंप में भाग लिया एवं एलोपैथिक चिकित्सा में डॉ. स्वतंत्र सिंह, डॉ. जे. एस. राय, डॉ. वरुण नागवंशी, डेंटल चिकित्सा में डॉ. मनीष राय, आयुर्वेद चिकित्सा से डॉ. आनंदपुरी एवं होम्योपैथी में डॉ. सूर्य नागवंशी ने मिलकर लगभग 278 से ज्यादा मरीजों को निशुल्क चिकित्सा सेवा परामर्श दिया एवं निःशुल्क दवा वितरण किया गया।

सभी उपस्थित मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर एवं शुगर संबंधित जांच कराकर उन्हें भविष्य में सतर्क रहने की सलाह दी गई एवं समय-समय पर चेकअप कराते रहने का सुझाव दिया गया। महाराणा प्रताप भवन के सभागार में डॉक्टर सैमुअल हैनिमैन के चित्र पर मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों समेत सभी उपस्थित अतिथियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर, उनके जन्मदिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर, समाज में होम्योपैथी के योगदान के लिए उनका नमन भी किया।

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मुख्य अतिथि के रूप में महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने कहा कि होम्योपैथी मेरी बहुत ही प्रिय है, मैं अक्सर इनकी दवाओं से लाभान्वित होता हूं एवं हर विधा का अपना अलग-अलग लाभ देने का तरीका है और अलग-अलग तरीकों से औषधि देने पर अनेक तरह के रोग पूर्णतया ठीक हो जाते हैं, जिसमें असाध्य रोगों के लिए पुराने रोगों के लिए होम्योपैथी बहुत ही लाभकारी है।

मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. नीरज पांडे ने बताया कि अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं, यदि सभी लोग अपनी चिकित्साविधा के साथ ईमानदारी से कार्य करें, तो निश्चित रूप से हम मरीजों को ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वाराणसी से आए हुए दी होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारी डॉक्टर एस. पी. सिंह ने सभी चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों के एक साथ समागम पर प्रसन्नता व्यक्त की एवं आयोजन समिति द्वारा उठाए हुए इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की एवं कहा कि सभी चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय से मानवता को बड़ा लाभ होगा।

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जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉक्टर अच्छे लाल ने होम्योपैथी की विशेषताओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी होम्योपैथी डॉ. एस. एन. गुप्ता ने कहा कि होम्योपैथी रोगों को जड़ से उखाड़ने में पूरी तरह मदद करती है एवं इमरजेंसी में भी कारगर है। विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय होम्योपैथी परिषद नई दिल्ली के पूर्व सदस्य डॉ. भक्त वत्सल (आजमगढ़) ने कहा कि पूर्वांचल के इस पहले बड़े आयोजन में आकर बहुत ही अच्छा लगा और समाज के हर एक तबके के अनेकों संगठनों के पदाधिकारियों के द्वारा समारोह को मनाना होम्योपैथी की जन जागरूकता के प्रति एक बेहतर सफल प्रयास है।

गाजीपुर के इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. स्वतंत्र सिंह ने कहा कि अनेकों मामलों में मैं अपने मरीज को भी होम्योपैथी के लिए रेफर करता हूं, क्योंकि होम्योपैथी में बहुत सी ऐसी चिकित्सा सेवाएं हैं, जिनसे अनेक असाध्य रोग साधित हो सकते हैं। जॉइंट मेडिकल फोरम के अध्यक्ष डॉ. जे. एस. राय ने बताया कि सभी दवा पद्धतियों के अलग-अलग कार्य हैं और कभी-कभी किसी एक असाध्य रोग में सभी दवा पद्धतियों की भी सेवाएं ली जाती हैं, सभी का अपना-अपना योगदान है।

मऊ से आए हुए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विपुल राय ने डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जीवनी पर प्रकाश डाला एवं कहा कि मानवता की सेवा हमें डॉ. सैमुअल हैनिमैन से सीखनी चाहिए, क्योंकि एक बेहतर एलोपैथ होते हुए भी उन्होंने और बेहतर इलाज के लिए होम्योपैथी का आविष्कार किया। मऊ के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी जिला अस्पताल मऊ डॉ. उमेश सिंह ने होम्योपैथी की विशेषताओं और उसकी गूढ़ चिकित्सा प्रणाली के बारे में विस्तृत विवरण दिया एवं आए हुए सम्मानित अतिथियों का स्वागत किया।

गाजीपुर से शामिल होने वाले चिकित्सकों में मुख्य रूप से डॉ. रामकृत यादव, नीलम यादव, डॉ. उमेश कुशवाहा, डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. श्याम लाल यादव, डॉ. विजय बहादुर जयसवाल, डॉ. सी. एल. गुप्ता, डॉ. प्रहलाद, डॉ. ए. के. त्रिपाठी, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. पार्थ सारथी गुप्ता, डॉ. संतोष जायसवाल, डॉ. रजनीकांत वर्मा, डॉ. शमीम अहमद, डॉ. शाहिद जमाल, डॉ. दुर्गेश सिंह, डॉ. अजय सिंह, डॉ. ओम प्रकाश सिंह, डॉ. संजय कुमार, डॉ. प्रेम प्रकाश, डॉ. चंदन कुमार, डॉ. सूर्य नागवंशी, डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. विद्या निवास राय, डॉ. एजाज अहमद इत्यादि शामिल हुए। इस विशाल आयोजन में प्रमुख रूप से भारत विकास परिषद के संयोजक संजय यादव, सुख विलास, अरविंद राय, श्रीमती अंजना राय, सुशील अग्रवाल, विजय सर्राफ, अनुपम आनंद, आनंद अग्रवाल, राजीव सिंह इत्यादि अनेक सदस्य शामिल रहे।

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साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर समेत उनके पदाधिकारीगण तथा लाल बहादुर शास्त्री सेवा समिति के पदाधिकारी, जिनमें प्रमुख रूप से मिथिलेश सिंह, चंद्र मोहन सिंह एडवोकेट, सुशील सिंह, संजय पांडे तथा नीरज कुमार मानू, व्यापार मंडल के अध्यक्ष डॉ. आसिफ खान एवं महासचिव प्रिंस सिंह समेत दर्जनों संस्थाओं के पदाधिकारियों ने पूरे पूर्वांचल से आए हुए सभी अतिथि चिकित्सकों का माल्यार्पण कर, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह के साथ स्वागत किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय सिंह ने सभी का स्वागत किया एवं स्वागत भाषण पढ़ा एवं गाजीपुर मेन यूनिट के सचिव डॉ. डी. पी. सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार प्रकट कर शुभकामनाएं ज्ञापित कीं।

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