गोरखपुर
दोस्तों की आखिरी सवारी बन गई मौत का सफर
गोरखपुर खजनी मार्ग पर मौत का सन्नाटा: 28 वर्षीय युवक की जिंदगी एक पल में खत्म, दोस्त अस्पताल में भर्ती
रुद्रपुर गांव में मातम का माहौल, परिवार में चीखें की गूंज
गोरखपुर। रविवार की रात खजनी थाना क्षेत्र के रुद्रपुर गांव में एक ऐसी दर्दनाक दुर्घटना हो गई कि पूरे गांव का कलेजा चीर गया। गोरखपुर-खजनी मुख्य मार्ग धुवहां ( छताई ) के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बुलेट मोटरसाइकिल को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि 28 वर्षीय साहब शर्मा मौके पर ही प्राण त्याग बैठा। उसका सबसे करीबी दोस्त शनि सिंह अब अस्पताल के बेड पर जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ रहा है। एक पल पहले हंसते-खेलते दोनों दोस्त घर लौट रहे थे, अगले पल मौत ने एक को हमेशा के लिए छीन लिया।
दोस्तों की आखिरी सवारी बन गई मौत का सफर
रुद्रपुर खजनी निवासी नौरत्न शर्मा के बेटे साहब शर्मा और बबलू सिंह के पुत्र शनि सिंह रात करीब 8 बजे बुलेट मोटरसाइकिल से गोरखपुर-खजनी मुख्य मार्ग पर आ रहे थे। हंसी-मजाक का माहौल था। तभी पीछे से अंधेरी रात को चीरते हुए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को इतनी भीषण टक्कर मारी कि बाइक हवा में उछल गई। साहब शर्मा सड़क पर लुढ़ककर गिरा और तुरंत दम तोड़ दिया। शनि सिंह गंभीर घायल होकर बेसुध पड़ा रह गया। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में छाया सन्नाटा
घटना की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, मां की चीखें आसमान छूने लगीं। पिता नौरत्न शर्मा सदमे में बेहोश हो गए। “मेरा लाडला.के सपने पूरे करने नहीं दिया मौत के सुकमा पर मां का गला रुंध गया। बहनें सिर पीट रही थीं, पूरा परिवार रो-रोकर बेबस हो गया। साहब गांव का लाडला था—पढ़ाई के साथ परिवार की मदद करता, हर किसी के चेहरे पर मुस्कान लाता। आज उसी के घर में मातम है। गांव के हर घर में आंखें नम हैं, बच्चे तक डर के मारे चुप हैं। वही साइकिल सवार बाल-बाल बचा।
सड़क पर बिखरी मौत की कहानी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना के दौरान एक साइकिल सवार भी वाहन की चपेट में आ गया, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। उसकी साइकिल पूरी तरह चकनाचूर हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को फोन किया। पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने साहब को मृत घोषित कर दिया। शनि सिंह की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

पुलिस ने शुरू की जांच, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा
पुलिस ने मौके से बुलेट मोटरसाइकिल कब्जे में ले ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि वाहन की पहचान होते ही सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन ग्रामीण अब चुप नहीं बैठना चाहते। उनका कहना है
टोल बचाब में हो रही घटनाएं
“टोल बचाने के चक्कर में ट्रेलर-ट्रक इस मार्ग पर रफ्तार के राक्षस बनकर घूम रहे हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।” उन्होंने मांग की है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे, गति सीमा तय हो और रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे रुद्रपुर का दर्द बन गया है। साहब शर्मा की याद में लोग फूल चढ़ा रहे हैं, लेकिन हर कोई एक सवाल पूछ रहा है—कब तक चलेगा यह सड़क हादसों का तांडव? क्या प्रशासन अब जागेगा या फिर एक और मां को अपने बेटे की लाश से लिपटकर रोना पड़ेगा? सड़कें सफर नहीं, परिवारों के सपनों की कब्र बनती जा रही हैं।
