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गाजीपुर

होली मिलन समारोह में कवियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

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गाजीपुर (जयदेश)। जनपद की अग्रणी सामाजिक संस्था श्री चित्रगुप्त वंशीय सभा, ददरी घाट गाजीपुर द्वारा होली मिलन समारोह के अवसर पर भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अपने चिर-परिचित अंदाज में नवीनता की मिसाल प्रस्तुत करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर काव्य-पाठ से विशिष्ट पहचान बनाने वाले कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कवि सम्मेलन में उन्नाव के प्रसिद्ध कवि स्वयं श्रीवास्तव, जबलपुर की कवयित्री मणिका दुबे, लखनऊ के हास्य कवि विकास बौखल, बाराबंकी के प्रमोद पंकज तथा ललितपुर (बुंदेलखंड) के कवि पंकज पंडित ने अपनी शानदार कविताओं से खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का संचालन भी कवि स्वयं श्रीवास्तव ने किया।

कवि सम्मेलन की शुरुआत प्रमोद पंकज ने अपनी पैरोडी और व्यंग्यात्मक कविताओं से की। उन्होंने महंगाई और रसोई गैस सिलेंडर जैसे जनसरोकारों के मुद्दों पर कटाक्ष करते हुए श्रोताओं को खूब हँसाया। इसके बाद कवयित्री मणिका दुबे ने श्रृंगार और संवेदना से परिपूर्ण कविताएँ सुनाईं और कहा कि “श्रृंगार की कविताएँ ऐसी भी हो सकती हैं, जिन्हें पिता-पुत्री और भाई-बहन एक साथ बैठकर सुन सकें।” उन्होंने प्रेम को सौदा नहीं, बल्कि एक पवित्र साधना बताया तथा माता-पिता से बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देने का संदेश दिया।

हास्य कवि विकास बौखल ने अपनी प्रसिद्ध पंक्तियाँ —
“किसी खंजर से ना, किसी तलवार से जोड़ा जाए,
सारी दुनिया को चलो प्यार से जोड़ा जाए।”
— सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियाँ बटोरीं।

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वहीं पंकज पंडित ने महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप और सनातन संस्कृति पर आधारित ओजपूर्ण कविताएँ प्रस्तुत कीं। साथ ही पानी की समस्या पर मार्मिक कविता सुनाकर उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम के अंत में अपने अनोखे अंदाज के लिए मशहूर कवि स्वयं श्रीवास्तव ने अपनी चिर-परिचित शैली में नई और प्रभावशाली कविताएँ सुनाईं। उन्होंने बेरोजगार युवाओं के दर्द को स्वर देते हुए कहा—
“पाँव में बाँध लिए पेट की खातिर घुंघरू,
मन नहीं होता है, पर नाचना तो पड़ता है।”

साथ ही उन्होंने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए पढ़ा—
“मुझको न रोकिए, न ये नजराने दीजिए,
मेरा सफर अलग है, मुझे जाने दीजिए।”

कार्यक्रम के दौरान उस समय श्रोता आश्चर्यचकित रह गए, जब मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत के पति डॉ. अवधेश मंच पर पहुँचे और अपने साहित्यिक अंदाज में काव्य-पाठ कर श्रोताओं की खूब सराहना प्राप्त की।

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कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य कपाली बाबा व संत गोपाल जी शास्त्री, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रसेन श्रीवास्तव तथा बिरनो ब्लॉक प्रमुख राजन सिंह द्वारा माँ सरस्वती एवं भगवान श्री चित्रगुप्त के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

इस अवसर पर जनपद निवासी एवं लखनऊ के डिवाइन हार्ट अस्पताल के संस्थापक, प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. श्रीवास्तव को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “गाजीपुर गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य डॉ. संगीता बलवंत तथा विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति के लिए संस्था की ओर से उनका आभार व्यक्त किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रसेन श्रीवास्तव को भी संस्था की ओर से स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट किया गया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, जिला प्रचारक प्रभात कुमार, नगर प्रचारक विक्रम, सिविल बार के पूर्व अध्यक्ष गोपाल जी श्रीवास्तव, अजय पाठक, डीसी रेवेन्यू बंशीधर कुशवाहा, विजय शंकर पांडे, अमर सिंह, गंगेश्वर शरण श्रीवास्तव, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, विभोर श्रीवास्तव, अरविंद श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, अंजनी श्रीवास्तव, अभय श्रीवास्तव तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रविकांत राय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष आनंद शंकर श्रीवास्तव ने की, जबकि अंत में संस्था के मंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, कवियों और उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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